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वर्ली एक्सीडेंट: आरोपी ने कहां फेंकी 4 बीयर कैन, कहां है नंबर प्लेट? लंबी बहस के बाद राजऋषि 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

 Reported By: Saket Rai Edited By: Shakti Singh
 Published : Jul 11, 2024 06:04 pm IST,  Updated : Jul 11, 2024 10:05 pm IST

वर्ली एक्सीडेंट के दूसरे आरोपी राजऋषि बिदावत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला चल रहा है।

File Photo- India TV Hindi
वर्ली कार हादसा Image Source : FILE PHOTO

वर्ली एक्सीडेंट मामले में आरोपी के ड्राइवर राजऋषि बिदावत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गुरुवार के दिन राजऋषि को फिर से कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलों के बाद ड्राइवर को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया। पुललिस ने कोर्ट में एक बार फिर कहा कि नंबर प्लेट रिकवर करना बाकि है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला चल रहा है। 

पुलिस ने कहा कि आरोपी ने अपना फोन स्विच ऑफ किया। मुख्य आरोपी अगर कोई घटनाक्रम बताता है, तो उसे वेरीफाई करने के लिए ड्राइवर की भी आवश्यकता होगी। ऐसा जरूरी है, क्योंकि दोनों आरोपी साथ में थे। पुलिस ने कहा कि उन्होंने बियर के चार कैन पिए थे। आरोपी ने कहां-कहां शराब पी इसकी भी जांच करनी है। आरोपी ने मालाड से बियर की चार कैन ली। उसे कहा फेंका इसकी जांच करनी है। इसके लिए हिरासत जरूरी है।

बचाव पक्ष की दलील

बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस को मामले की पूरी जानकारी है। पुलिस बार-बार एक ही बात कह रही है। कल पुलिस ने कहा गाड़ी का नंबर प्लेट नष्ट किया गया। आज कह रहे हैं कि राजऋषि ने यह काम किया। पुलिस ने 12 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। सीन रीक्रिएट कर लिया गया है। इस आधार पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए। बहस के बाद कोर्ट ने आरोपी राजऋषि बिदावत को 14 दिन की न्यायनिक हिरासत में भेज दिया है।

परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर सकती है पुलिस

इस मामले में पुलिस ने पहले ही 13 से 14 लोगों से पूछताछ कर ली है। जिस दिन यह घटना हुई वहां कुछ चश्मदीद गवाह भी मौजूद थे। पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज किए हैं। मुख्य आरोपी मिहिर जांच में कोई सहयोग नहीं कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मिहिर से जितनी भी पूछताछ की है, उसके आधार पर पुलिस को कई बयानों में कुछ अंतर मिले हैं जिसकी पुलिस जांच कर रही है। वहीं दूसरी तरफ घटनास्थल पर गाड़ी पर लगे शिवसेना के स्टीकर को किसने निकाला उसकी भी जांच की जाएगी। चूंकि इस मामले में पूरा परिवार जुड़ा हुआ है। इसलिए परिवार के किसी भी सदस्य को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। सीएम शिंदे ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। शिंदे का यह बयान उन आलोचनाओं के बीच आया है कि इस मामले में मुख्य आरोपी उनकी पार्टी के नेता का बेटा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी का समर्थन करने का सवाल ही नहीं उठता और किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा।

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