भारत सरकार इथेनॉल को फ्यूल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए जबरदस्त तरीके से प्रोमोशन कर रही है। कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सरकार इथेनॉल को बढ़ावा दे रही है। जिन लोगों के पास पुरानी गाड़ियां हैं, वे 20 प्रतिशत वाले E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर कई तरह के सवालों से घिरे हुए हैं। इसी बीच दिग्गज इंश्योरेंस कंपनी ICICI Lombard की एक पोस्ट ने गाड़ी के मालिकों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि, चर्चा तेज होने पर कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर इंश्योरेंस क्लेम से जुड़ी चिंता दूर कर दी है।
ICICI Lombard के ब्लॉग पोस्ट में क्या था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICICI Lombard ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था, "अगर आप अपने वाहन में ऐसा फ्यूल इस्तेमाल करते हैं, जिसके लिए वो बनी ही नहीं है, तो इसे गलत इस्तेमाल या लापरवाही माना जा सकता है। बीमा कंपनियां इन दावों की इसी नजरिए से जांच कर सकती हैं और क्लेम रिजेक्ट भी किया जा सकता है।" इंश्योंरेंस कंपनी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं और जिन लोगों के पास साल 2023 से पहले की खरीदी हुई गाड़ियां हैं, उनकी टेंशन बढ़ गई। लेकिन, मामला तूल पकड़ता देख ICICI Lombard ने अपने ग्राहकों के लिए आधिकारिक बयान जारी किया है।
इंश्योरेंस कंपनी ने अब क्या कहा
ICICI Lombard ने सोमवार, 15 जून को जारी किए गए अपने बयान में कहा, ''ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ये स्पष्ट करता है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से भी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह मान्य रहती हैं। हम साफ करते हैं कि पुरानी गाड़ियों में E20 फ्यूल के इस्तेमाल को हम लापरवाही नहीं मानते और E20 फ्यूल प्रोग्राम को पर्यावरण के अनुकूल एक प्रगतिशील कदम मानते हैं।
हमारी इंश्योरेंस पॉलिसी में एक्सीडेंट से होने वाले नुकसान, चोरी, मालिक-ड्राइवर और साथ बैठे यात्रियों के लिए पर्सनल एक्सीडेंट कवर और थर्ड-पार्टी लायबिलिटी शामिल होती है, जो पॉलिसी लेने वाले द्वारा चुने गए कवर पर निर्भर करता है।
गाड़ी के एक्सीडेंट या चोरी जैसी बीमित घटनाओं के होने पर क्लेम स्वीकार किए जाते हैं। गाड़ी में इस्तेमाल होने वाला फ्यूल (जैसे पेट्रोल, डीजल, CNG आदि) क्लेम की स्वीकार्यता तय करने वाला कारक नहीं है। इसलिए, अगर पारंपरिक फ्यूल के साथ क्लेम स्वीकार्य है, तो E20 फ्यूल के साथ भी वह उतना ही स्वीकार्य है और ICICI Lombard सिर्फ फ्यूल के इस्तेमाल के आधार पर क्लेम को रिजेक्ट नहीं करता है। हम ग्राहकों के भरोसे और उन्हें प्राथमिकता देने की अपनी सोच के प्रति प्रतिबद्ध हैं।''
देशभर में हो रही है 20 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल की बिक्री
बताते चलें कि देश में कम से कम 20 प्रतिशत और ज्यादा से ज्यादा 85 प्रतिशत इथेनॉल वाला पेट्रोल बिक्री के लिए उपलब्ध है। जहां एक तरफ 20 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल की बिक्री पूरे देश में अनिवार्य हो गई है, जबकि 85 प्रतिशत इथेनॉल वाला पेट्रोल अभी सिर्फ दिल्ली में ही बिक्री के लिए उपलब्ध है। E20 पेट्रोल के साथ चलने वाली गाड़ियों की मैन्यूफैक्चरिंग 2023 से शुरू हुई थीं। कई कंपनियों ने 2023 से ही E20 पेट्रोल को सपोर्ट करने वाली गाड़ियां बनानी शुरू कर दी थीं। इसके बाद, सरकार ने अप्रैल 2025 से सभी कंपनियों के लिए E20 पेट्रोल को सपोर्ट करने वाली गाड़ियां बनाना अनिवार्य कर दिया था।
पुरानी गाड़ियों पर क्या होगा असर
अगर आपकी गाड़ी 2023 से पहले की है, तो ये संभव है कि आपकी गाड़ी का इंजन E20 पेट्रोल को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया था। हालांकि, 20 प्रतिशत इथेनॉल की मिलावट वाला पेट्रोल आपकी गाड़ी पर तुरंत बुरा प्रभाव नहीं डालेगा। हालांकि, इससे आपकी गाड़ी की माइलेज पर मामूली प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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