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बैंकों में जमा पैसे की गारंटी 4 लाख रुपए बढ़ी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 01, 2020 12:51 pm IST,  Updated : Feb 01, 2020 02:35 pm IST

सरकार ने गारंटी 1 लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है।

बैंकों में जमा पैसे की गारंटी 4 लाख रुपए बढ़ी- India TV Hindi
बैंकों में जमा पैसे की गारंटी 4 लाख रुपए बढ़ी

नई दिल्ली। बैंकों में पैसा फंसने को लेकर  केंद्रीय वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक में अगर उपभोक्ता का पैसा फंसा तो 5 लाख की गारंटी दी जाएगी। सरकार ने गारंटी 1 लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। हाल ही में महाराष्‍ट्र के पीएमबी बैंक के डूबने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। पहले बैंक में केवल एक लाख रुपए तक के जमा पर ही गारंटी मिलती थी, भले ही बैंक खाते में कितनी भी रकम जमा हो।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट भाषण के दौरान कहा कि सरकार ने निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) को बैंक जमा बीमा संरक्षण पांच गुना कर 5 लाख रुपए तक करने की अनुमति दी है। डीआईसीजीसी, भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। यह बैंकों में जमा ग्राहकों के पैसों का बीमा करती है। वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट भाषणा के दौरान कहा कि जमा बीमा सुरक्षा को एक लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया जाएगा। वर्तमान में बैंक के डूबने की स्थिति में हर ग्राहक को डीआईसीजीसी के माध्यम से अधिकतम एक लाख रुपए का बीमा देता है।

बैंक में पैसा फंसा तो अब 5 लाख रुपए तक की गारंटी होगी कि आपका पैसा वापस मिलेगा। इसके अलावा वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आईडीबीआई बैंक में सरकार अपनी पूरी हिस्‍सेदारी बेचेगी। सरकारी बैंकों को बजट में 3.5 लाख करोड़ रुपए देने की बात कही गई है।

बैंकों में जमा पैसे की गारंटी 4 लाख रुपए बढ़ी
बैंकों में जमा पैसे की गारंटी 4 लाख रुपए बढ़ी

वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम में अपनी बड़ी हिस्‍सेदारी बेचेगी। आईडीबीआई में भी सरकार अपनी हिस्‍सेदारी बेचेगी। एलआईसी में हिस्‍सेदारी बेचने के लिए आईपीओ लाया जाएगा। लघु और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनी कानून में जरूरी संशोधन किया जाएगा, रिजर्व बैंक से एमएसएमई ऋण पुनर्गठन समयसीमा बढ़ाने का आग्रह। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गैर-राजपत्रित, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भर्ती के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी का गठन किया जाएगा।

सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी कुछ हिस्सेदारी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए बेचने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में 2020-21 का बजट भाषण पढ़ते हुए यह प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि एलआईसी को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सूचीबद्धता से कंपनियों में वित्तीय अनुशासन बढ़ता है। सीतारमण ने कहा कि सरकार का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है। अभी एलआईसी की पूरी हिस्सेदारी सरकार के पास है।

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