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वन नेशन वन राशनकार्ड योजना में शामिल प्रदेशों, केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर 26 : खाद्य मंत्री

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Sep 01, 2020 08:20 pm IST,  Updated : Sep 01, 2020 08:23 pm IST

मंगलवार को दो और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और लक्षद्वीप एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना से जुड़ गए हैं, जिसके बाद योजना में शामिल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल संख्या 26 हो गई है। सरकार की योजना मार्च 2021 तक पूरे देश को योजना में शामिल करने की है।

एक राष्ट्र एक राशन...- India TV Hindi
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना में जुड़ने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल संख्या 26  हुई Image Source : PTI (FILE)

नई दिल्ली| मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'वन नेशन वन राशन कार्ड' से लक्षद्वीप और लद्दाख के जुड़ने के बाद अब 26 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी उपलब्ध हो गई है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि लक्षद्वीप और लदाख के 'वन नेशन वन राशन कार्ड' से जुड़ने के बाद अब देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 65 करोड़ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के लाभार्थी इन राज्यों में कहीं भी अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट के जरिए कहा, "आज दो और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और लक्षद्वीप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मोदी 2.0 सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन नेशन वन राशनकार्ड' योजना में शामिल हो गए हैं। अब कुल 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी उपलब्ध है।"

उन्होंने कहा कि इन राज्यों के लाभार्थी इनमें किसी भी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में रहते हुए अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं और बहुत जल्द यह योजना पूरे देश में लागू हो जाएगी।

खाद्य मंत्रालय ने बताया कि 26 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एनएफएसए के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कुल लाभार्थियों में करीब 80 फीसदी लाभार्थी अब वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत नेशनल पोर्टेबिलिटी का लाभ उठाएंगे।

इन 26 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में आंध्र प्रदेश, बिहार, दादर और नगर हवेली, दमन व दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

मंत्रालय ने बताया कि बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नेशनल पोर्टेबिलिटी से मार्च 2021 तक जोड़ने का लक्ष्य है। अगले साल मार्च तक देशभर में वन नेशन वन राशनकार्ड योजना लागू होने के बाद एनएफएसए के लाभार्थी देश में कहीं भी अपने हिस्से का अनाज ले पाएंगे। इसका फायदा खासतौर से उन लोगों को होगा जो रोजी-रोटी की तलाश में अस्थायी तौर पर एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं।

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