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रेल मंत्रालय परियोजना वित्त पोषण के लिए पांच अरब डॉलर के कोष पर कर रहा काम

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Sep 04, 2016 11:26 am IST,  Updated : Sep 04, 2016 11:26 am IST

सुरेश प्रभु ने कहा कि जैसे ही भारतीय रेलवे विकास कोष (आरआईडीएफ) को एक बार अंतिम रूप दे दिया जाता है इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।

रेलवे का होगा कायापलट, प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए पांच अरब डॉलर का फंड बनाएगा मंत्रालय- India TV Hindi
रेलवे का होगा कायापलट, प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए पांच अरब डॉलर का फंड बनाएगा मंत्रालय

मुंबई। रेल मंत्रालय अपनी विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए पांच अरब डॉलर का फंड बनाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में लगा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि जैसे ही प्रस्तावित भारतीय रेलवे विकास कोष (आरआईडीएफ) को एक बार अंतिम रूप दे दिया जाता है, इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। प्रभु ने कहा, मंत्रिमंडल की मंजूरी से पहले प्रस्तावित पांच अरब डॉलर के भारतीय रेलवे विकास कोष के रास्ते में कुछ बाधाएं थी जिन्हें दूर किया जाना था। हमने कोष के गठन को लेकर लगभग सभी काम कर लिया है और उम्मीद है कि हम जल्दी ही इसे मंत्रिमंडल के समक्ष ले जाएंगे। विश्व बैंक के समर्थन से गठित होने वाले इस कोष की अवधि सात साल होगी।

रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (रिसोर्स मोबिलाइजेशन) नमिता मेहरोत्रा ने कहा, करीब 20 फीसदी फंड वित्त मंत्रालय से और हमारा अनुमान है कि शेष पेंशन और सोवरेन फंड से आएगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय की हिस्सेदारी इक्विटी के रूप में आएगी। कार्यकारी निदेशक ने कहा कि प्रस्तावित कोष का उपयोग मुख्य रूप से प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं में निवेश में किया जाएगा। प्रभु ने कहा कि पेंशन कोष रेलवे में धन लगाने को लेकर उत्सुक हैं क्योंकि यह उनके लिए निश्चित दीर्घकालीन रिटर्न और पूंजी की सुरक्षा के साथ एक दीर्घकालीन निवेश गंतव्य है। बुलेट ट्रेन परियोजना के क्रियान्वयन का समय छह वर्ष तय किया गया है। यह 2017 से 2023 के बीच होगा। यह परियोजना 508 किलोमीटर की होगी। इसकी संचालन गति 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी जबकि अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

प्रभु ने सूचित किया कि सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम के लिए एक एकीकृत विकास मॉडल का भी प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का फिर से विकास एकीकृत ढंग से किया जायेगा जिसमें कि रेलगाड़ी, बसें, आटोरिक्शा और टैक्सी सभी के लिए स्थान होगा। उन्होंने कहा, हमने गुजरात सरकार और सूरत के नगर निगम के साथ दो सप्ताह पहले सूरत स्टेशन के पुनर्विकास के लिये समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। दिल्ली और उसके आसपास दो और स्टेशनों पर भी काम जल्द शुरू होगा।

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