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सरकारी कर्मचारियों के लिए बनेंगे सस्‍ते मकान, आम्रपाली बनाएगी नोएडा एक्‍सटेंशन में 10,000 अफोर्डेबल हाउस

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Dec 05, 2015 12:13 pm IST,  Updated : Dec 05, 2015 05:58 pm IST

नोएडा एक्‍सटेंशन में सरकारी कर्मचारियों के लिए बनने वाले 10 हजार सस्‍ते मकान की कीमत 22 से 30 लाख रुपए के बीच होगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बनेंगे सस्‍ते मकान, आम्रपाली बनाएगी नोएडा एक्‍सटेंशन में 10,000 अफोर्डेबल हाउस- India TV Hindi
सरकारी कर्मचारियों के लिए बनेंगे सस्‍ते मकान, आम्रपाली बनाएगी नोएडा एक्‍सटेंशन में 10,000 अफोर्डेबल हाउस

नई दिल्‍ली। रियल एस्‍टेट कंपनी आम्रपाली ने नोएडा एक्सटेंशन में सरकारी कर्मचारियों के लिए 10,000 सस्‍ते मकान बनाने की घोषणा की है। कंपनी इस परियोजना पर 2,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। कंपनी पहले चरण में 22 से 30 लाख रुपए के 2,000 फ्लैटों की पेशकश करेगी। उसने इस परियोजना के विपणन के लिए ब्रोकरेज कंपनी इन्वेस्टर क्लिनिक से गठजोड़ किया है।

आम्रपाली ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा ने बताया कि कंपनी कार्यरत व सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए सस्ते मकानों की परियोजना लेकर आ रही है। नोएडा एक्सटेंशन में कंपनी के 100 एकड़ टाउनशिप में इस परियोजना के लिए 40 एकड़ जमीन रखी गई है। शर्मा ने बताया कि कंपनी 2,000 करोड़ रुपए की लागत से 10,000 अपार्टमेंट बनाएगी। परियोजना के पहला चरण में आम्रपाली आदर्श आवास योजना के तहत मूल कीमत 2,280 रुपए प्रति वर्ग फुट रखी गई है, जो इस क्षेत्र में मौजूदा कीमत से कम है।

चंडीगढ़ में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर 5000 रुपए का जुर्माना 

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने चंडीगढ़ में प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल करने वालों पर 5000 रुपए जुर्माना लगाने की घोषणा की है। न्यायाधिकरण ने इस शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यह कदम उठाया है।  इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने प्लास्टिक पर प्रतिबंध संबंधी उसके आदेश के कार्यान्वयन में इच्छा की कमी के लिए चंडीगढ़ प्रशासन तथा स्थानीय निकाय अधिकारियों की आलोचना भी की है। एनजीटी के चेयरपर्सन न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि चंडीगढ़ में प्लास्टिक व सम्बद्ध सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध होना चाहिए। प्लास्टिक का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य से नहीं किया जा सकता।  एनजीटी ने कहा, क्षेत्र में अगर कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक का इस्तेमाल या प्लास्टिक का काम करता पाया जाता है तो उसे हर बार 5000 रुपए की दर से पर्यावरण जुर्माना देना होगा।

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