Will pursue all legal routes to recover money from Anil Ambani, says Chinese Banks
नई दिल्ली। चीन के तीन बैंकों, जिनका एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी पर 5,306 रुपए का कर्ज बकाया है, ने मंगलवार को कहा कि वह अपने अधिकारों की रक्षा और अंबानी से अपना पूरा पैसा वसूलने के लिए प्रत्येक कानूनी कदम उठाएंगे। बैंकों का यह बयान अनिल अंबानी द्वारा ब्रिटेन की अदालत में पेश किए गए अपने खर्चों व व्यक्तिगत संपत्ति के हलफनामे के बाद आया है।
अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की अदालत में अपनी सारी संपत्ति और देनदारियों का पूरे और निष्पक्ष तौर पर खुलासा करते हुए कहा था कि व्यक्तिगत रूप से उनके पास भारत के बाहर कोई संपत्ति नहीं है। बता दें कि यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा साल 2012 में चीन के स्वामित्व वाले बैंकों से लिए गए कॉरपोरेट लोन की व्यक्तिगत गारंटी का है, ना कि अंबानी के व्यक्तिगत ऋण का।
चीन के तीन बैंकों इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना और चाइना डेवलपमेंट बैंक ने संयुक्त रूप से अपना पैसा वसूलने के लिए सभी कानूनी उपायों का उपयोग करने का यह बयान अंबानी द्वारा कोर्ट में यह कहने के बाद दिया है कि वह एक साधारण जीवनशैली व्यतीत करते हैं।
एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की अदालत में कहा कि यह खबर गलत है कि वह शानदार जीवनशैली जी रहे हैं। इसके बजाये उन्होंने सम्मानपूर्वक स्पष्ट किया कि वास्तव में वह सरल आदतों वाले एक अनुशासित और बेहद धार्मिक व्यक्ति हैं। अंबानी एक जुनूनी एथलीट और मैराथन दौड़ने वाले रनर हैं, जो 50 से अधिक मैराथन/हॉफ-मैराथन में दौड़ चुके हैं।
कानूनी सूत्रों ने कहा कि अंबानी ने कहा कि वह पूरी जिंदगी शाकाहारी रहे और उन्होंने न कभी शराब का सेवन किया, ना धूम्रपान किया और ना जुआ खेला। वे अपनी मां कोकिलाबेन और परिवार के साथ सीविंड नामक एक किराए के अपार्टमेंट में रहते हैं। इसकी व्यवस्था उनके दिवंगत पिता धीरूभाई अंबानी ने की थी।
अंबानी ने उन गलत बयानों का भी खंडन किया जिसमें अनुमान लगाया गया था कि उनके पास कारों, कॉर्पोरेट जेट, एक हेलीकाप्टर और एक यॉच का कथित बेड़ा है। अंबानी ने स्पष्ट किया कि इनमें से कोई भी संपत्ति उनके पास नहीं है और वे केवल कंपनी द्वारा दी गई एक कार का उपयोग करते हैं। अंबानी ने यह भी खुलासा किया कि ब्रिटेन में चीनी राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों द्वारा किए गए इस मुकदमे की महंगी फीस देने के लिए और अपने कानूनी खचरें को पूरा करने के लिए उन्हें मजबूरन 9.9 करोड़ रुपये में सभी गहने बेचने पड़े।






































