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धूप बत्‍ती, झाड़ू सहित दैनिक उपयोग की 30 वस्‍तुएं होंगी सस्‍ती, मध्‍यम और लग्‍जरी कारों पर देना होगा 7% तक अतिरिक्‍त उपकर

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Sep 10, 2017 11:31 am IST,  Updated : Sep 10, 2017 11:33 am IST

जीएसटी परिषद के फैसले के बाद दैनिक उपयोग की 30 वस्‍तुएं जहां सस्‍ती हो जाएंगी, वहीं दूसरी ओर मध्यम श्रेणी के साथ-साथ लग्जरी और एसयूवी महंगे हो जाएंगे।

धूप बत्‍ती, झाड़ू सहित दैनिक उपयोग की 30 वस्‍तुएं होंगी सस्‍ती, मध्‍यम और लग्‍जरी कारों पर देना होगा 7% तक अतिरिक्‍त उपकर- India TV Hindi
धूप बत्‍ती, झाड़ू सहित दैनिक उपयोग की 30 वस्‍तुएं होंगी सस्‍ती, मध्‍यम और लग्‍जरी कारों पर देना होगा 7% तक अतिरिक्‍त उपकर

हैदराबाद। वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की यहां हुई बैठक में लिए गए फैसले के बाद दैनिक उपयोग की 30 वस्‍तुएं जहां सस्‍ती हो जाएंगी, वहीं दूसरी ओर मध्यम श्रेणी के साथ-साथ लग्जरी और स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) महंगे हो जाएंगे। बैठक में इन वाहनों पर दो प्रतिशत से लेकर 7 प्रतिशत तक अतिरिक्त उपकर लगाने का फैसला किया गया है। हालांकि, छोटी और हाइब्रिड कारों को इस वृद्धि से छूट दी गई है।

परिषद की बैठक में धूप बत्‍ती, प्लास्टिक रेनकोट, रबड़ बैंड, झाड़ू,  इडली-डोसा बैटर से लेकर रसोई में काम आने वाले गैस लाइटर जैसे दैनिक उपभोग की 30 वस्तुओं पर जीएसटी दर कम करने का भी फैसला किया गया। इन वस्तुओं की दरों में विसंगतियां सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद की यहां आठ घंटे चली बैठक के बाद कहा कि मध्यम श्रेणी की कारों पर दो प्रतिशत, बड़ी कारों पर पांच प्रतिशत और एसयूवी पर सात प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाने का फैसला किया गया। इन वाहनों पर पहले लागू उपकर में दो से सात प्रतिशत तक उपकर और जुड़ जाएगा। इससे इन वाहनों पर कुल कराधान जीएसटी से पहले के स्तर तक पहुंच गया है। जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने हालांकि हाइब्रिड कारों और 1200 सीसी तक की पेट्रोल-डीजल से चलने वाली छोटी कारों पर अतिरिक्त उपकर नहीं लगाने का फैसला किया है।उन्होंने बताया कि अतिरिक्त उपकर लागू होने की तिथि बाद में अधिसूचित की जाएगी।

जेटली ने बताया कि सूखी इमली, खली, धूपबत्‍ती, प्लास्टिक से बने रेनकोट, रबर बैंड, किचन गैस लाइटर तथा ऐसे ही कुछ अन्य दैनिक उपभोग वाले 30 सामानों पर जीएसटी दर कम की गई है।  ऐसे कारोबारी जिन्होंने जीएसटी से बचने के लिए अपने ब्रांड का पंजीकरण समाप्त कर दिया है, ऐसे मामले में समिति ने फैसला लिया है कि इसके लिए 15 मई 2017 को कटऑफ तिथि तय की गई है। जो भी ब्रांड इस तिथि को पंजीकृत होगा उस पर जीएसटी लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जीएसटी व्यवसथा में ब्रांड वाले खाद्य पदार्थ पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है जबकि बिना ब्रांड वाले खुले खाद्य पदार्थ पर शून्य जीएसटी रखा गया है। ऐसे में कई व्यापारियों ने जीएसटी से बचने के लिए अपने ब्रांड का पंजीकरण समाप्त करना शुरू कर दिया था।

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