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रिलायंस सौदा: हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचा फ्यूचर रिटेल, 24,713 करोड़ की है डील

Edited by: India TV Paisa Desk Published : Aug 28, 2021 07:06 pm IST, Updated : Aug 28, 2021 07:06 pm IST

कंपनी ने दो फरवरी, 2021 और 18 मार्च, 2021 को सुनाए गए एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है।

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Photo:FILE

रिलायंस सौदा: हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचा फ्यूचर रिटेल, 24,713 करोड़ की है डील

नयी दिल्ली। किशोर बियानी की अगुवाई वाली कंपनी फ्यूचर रिटेल लि.(एफआरएल) ने रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ के सौदे पर दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उच्च न्यायालय ने रिलायंस रिटेल के साथ के कंपनी के सौदे पर यथास्थिति कायम रखने और सिंगापुर के आपात पंचाट के आदेश के प्रवर्तन का निर्देश दिया था। 

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में फ्यूचर रिटेल ने कहा, ‘‘कंपनी ने दो फरवरी, 2021 और 18 मार्च, 2021 को सुनाए गए एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है। समय के साथ इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।’’ दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था। 

अमेरिका की ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने कहा था कि अदालत इस बात को लेकर संतुष्ट है कि अमेजन के अधिकारों के संरक्षण के लिए तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है। इसके बाद 18 मार्च को अदालत ने सिंगापुर आपात पंचाट (ईए) के फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल को अपना कारोबार 24,713 करोड़ रुपये में बेचने के सौदे पर रोक के आदेश को उचित ठहराया था। 

न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने फ्यूचर रिटेल को निर्देश दिया था कि वह रिलायंस के साथ सौदे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करे। अदालत ने कहा था कि समूह ने जानबूझकर ईए के आदेश का उल्लंघन किया है। उच्च न्यायालय ने फ्यूचर समूह की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था और साथ कंपनी और उसके निदेशकों पर 20 लाख रुपये की लागत भी लगाई थी। 

फ्यूचर रिटेल लि. ने 12 अगस्त को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा था कि किशोर बियानी, राकेश बियानी और बियानी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ होल्डिंग कंपनियों फ्यूचर कूपंस, फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज, अकार एस्टेट एंड फाइनेंस ने उच्चतम न्यायालय में अमेजन.कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी के खिलाफ विशेष अवकाश याचिका दायर की है।

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