नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को फिर राहत देते हुए न्यूनतम सांकेतिक निर्यात कोटा यानी एमआईईक्यू के तहत चीनी निर्यात की समयसीमा तीन महीने बढ़ा दी है। खाद्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को चीनी मिलों को जारी नोटिस के अनुसार, न्यूनतम सांकेतिक निर्यात कोटा यानी एमआईईक्यू के तहत मिलों के सामने अब यह विकल्प होगा कि वह वर्ष 2017-18 या 2018-19 में उत्पादित चीनी का निर्यात 31 दिसंबर तक कर सकते हैं।
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सरकार ने एमआईईक्यू स्कीम के तहत चीनी विपणन वर्ष 2017-18 में 20 लाख टन निर्यात का लक्ष्य रखा था। ज्ञात सूत्रों के अनुसार, चालू सत्र में अब तक महज 3.50 लाख चीनी का निर्यात हुआ है।
इस प्रकार जिन मिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार चीनी निर्यात नहीं किया है। उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने का एक और मौका मिल गया है। सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तय समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 3 दिसंबर कर दी है।
देश में इस साल 322 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि अगले साल के लिए चीनी उद्योग ने 350-355 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान लगाया है।