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credit guarantee scheme: मोदी सरकार ने बढ़ाया क्रेडिट गारंटी स्‍कीम का दायरा, अब 27 अन्य क्षेत्रों को भी मिलेगा आसान कर्ज

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 27, 2020 08:54 am IST,  Updated : Nov 27, 2020 08:54 am IST

ईसीएलजीएस 2 के तहत जिन इकाइयों के ऊपर 29 फरवरी, 2020 की स्थिति के अनुसार, एक महीने या उससे कम समय के दौरान बकाया 50 करोड़ रुपये से अधिक और 500 करोड़ रुपये तक के कर्ज हैं, वे इसके लिए पात्र होंगी।

Govt extends credit guarantee scheme to 27 sectors- India TV Hindi
Govt extends credit guarantee scheme to 27 sectors Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (Emergency Credit Line Guarantee Scheme: ECLGS) का दायरा बढ़ाकर उसमें स्वास्थ्य और 26 अन्य क्षेत्रों को शामिल किया है। इन क्षेत्रों की पहचान कामत समिति ने की थी। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लि.(एनसीजीटीसी) ने ईसीएलजीएस 2.0 योजना के क्रियान्वयन के लिए परिचालन दिशा-निर्देश जारी किया है। सरकार ने इस महीने की शुरूआत में 2.65 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज के तहत योजना की घोषणा की थी।

बयान के अनुसार ईसीएलजीएस 2 के तहत जिन इकाइयों के ऊपर 29 फरवरी, 2020 की स्थिति के अनुसार, एक महीने या उससे कम समय के दौरान बकाया 50 करोड़ रुपये से अधिक और 500 करोड़ रुपये तक के कर्ज हैं, वे इसके लिए पात्र होंगी। ईसीएलजीएस 2.0 के तहत उपलब्ध कराए गए कर्ज की मियाद 5 साल होगी। इसमें 12 महीने के लिए मूल राशि के लौटाने को लेकर छूट होगी।

बयान में कहा गया है कि ये इकाइयां या कर्जदार कुल बकाया कर्ज का 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण ले सकते हैं। यह पूरी तरह से बिना किसी गारंटीशुदा आपात कर्ज सुविधा (जीईसीएल) होगी, जिसके लिए कर्जदार को कोई गारंटी देने की जरूत नहीं है। ईसीएलजीएस 2.

0 के अलावा यह भी निर्णय किया गया है कि ईसीएलजीएस 1.0 का लाभ उन इकाइयों को दिया जाएगा, जिस पर कुल बकाया कर्ज (केवल कोष आधारित) 29 फरवरी, 2020 तक 50 करोड़ रुपये तक हो। लेकिन वे पूर्व में 250 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबार के कारण पात्र नहीं थे। इसके लिए अन्य मानदंड और शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बयान के अनुसार 12 नवंबर तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 61 लााख एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) को 2.05 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए। हालांकि कर्ज वितरण 1.52 लाख करोड़ रुपये का हुआ। रिजर्व बैंक द्वारा गठित कामत समिति ने कर्ज पुनर्गठन को लेकर जिन क्षेत्रों की पहचान की है, उनमें बिजली, निर्माण, रीयल एसटेट, कपड़ा, औषधि, लॉजिस्टिक, सीमेंट, वाहन कल-पुर्जे तथा होटल, रेस्तरां एवं पर्यटन शामिल हैं।

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