नई दिल्ली बीमा क्षेत्र के नियामक इरडा ने बीमा कंपनियों को स्वास्थ्य बीमा दावों पर दो घंटे के भीतर निर्णय लेने को कहा है। इस पहल का मकसद कोरोना वायरस महामारी के कारण देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे पर दबाव को कम करना है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने एक सर्कुलर में कहा कि कोरोना वायरस के कारण मौजूदा स्थिति के साथ स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत सुविधा पर दबाव बढ़ा है। इसे कम करने की जरूरत को देखते हुए सभी बीमा कंपनियां स्वास्थ्य बीमा दावों पर तेजी से निर्णय करें। इरडा के अनुसार यह सुनिश्चित करने के लिये कि सभी स्वास्थ्य बीमा दावों का निपटान तेजी से होगा, बीमा कंपनियां समयसीमा का पालन करेंगी। सर्कुलर में कहा गया है कि कैशलेस इलाज के बारे में अनुरोध पत्र आने के और अस्पताल या टीपीए से अंतिम जरूरी सूचना, जो भी पहले हो, उसके बाद दो घंटे के भीतर इस बारे में निर्णय की जानकारी नेटवर्क अस्पताल को देनी होगी। पुन: अंतिम रूप से अस्पताल से छुट्टी के बारे में निर्णय अंतिम बिल आने तथा अस्पताल या टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) से अंतिम जरूरी सूचना, जो भी पहले हो, उसके दो घंटे के भीतर निपटान करने की जरूरत होगी। इरडा ने सभी साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों (ईसीजीसी और एआईसी को छोड़कर) को इस संबंध में जारी दिशानिर्देश संबंधित टीपी को जारी करने को कहा है।
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स्वास्थ्य बीमा कंपनियां सिर्फ 2 घंटे में करें दावों का निपटान: इरडा
कोरोना की वजह से हेल्थ इंफ्रा पर दबाव को कम करने के लिए तेजी से फैसले लेने जरूरी
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