Friday, February 20, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. जून तिमाही में म्यूचुअल फंड इक्विटी फोलियो की संख्या में छह लाख बढ़ी

जून तिमाही में म्यूचुअल फंड इक्विटी फोलियो की संख्या में छह लाख बढ़ी

Dharmender Chaudhary Published : Jul 27, 2016 08:29 pm IST, Updated : Jul 27, 2016 08:41 pm IST

इक्विटी म्यूचुअल फंड के निवेश खातों या फोलियो में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान छह लाख की बढ़ोतरी हुई है। छोटे शहरों का बढ़ा योगदान।

जून तिमाही में म्यूचुअल फंड इक्विटी फोलियो की संख्या छह लाख बढ़ी, छोटे शहरों का बढ़ा योगदान- India TV Paisa
जून तिमाही में म्यूचुअल फंड इक्विटी फोलियो की संख्या छह लाख बढ़ी, छोटे शहरों का बढ़ा योगदान

नई दिल्ली। इक्विटी म्यूचुअल फंड के निवेश खातों या फोलियो में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान छह लाख की बढ़ोतरी हुई है। ऐसा मुख्य तौर पर खुदरा निवेशकों की ओर से मजबूत भागीदारी के मद्देनजर हुआ। फोलियो की संख्या 2015-16 में दर्ज 43 लाख और 2014-15 में 25 लाख के अतिरिक्त है।

पिछले दो साल में निवेशक खातों में बढ़ोतरी हुई है और ऐसा मुख्य तौर पर अपेक्षाकृत छोटे शहरों से जोरदार योगदान के मद्देनजर हुआ। व्यक्तिगत निवेशक खातों को फोलियो कहते हैं हालांकि एक निवेश के पास कई खाते हो सकते हैं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के मुताबिक 42 फंड हाउस के निवेश खातों के आकलन के आधार पर जून तिमाही में फोलियो की संख्या बढ़कर 3,66,40,396 हो गई जो 31 मार्च 2016 को 3,60,25,062 थी। इस तरह 6.15 लाख खातों की बढ़ोतरी हुई।

म्यूचुअल फंड पर लेनदेन लागत तय सीमा में रहनी चाहिए: सेबी

सेबी के अनुसार म्युचुअल फंड योजनाओं पर लगाई जाने वाली ब्रोकरेज व लेनदेन लागत तय कुल व्यय अनुपात (टीईआर) सीमा में ही होनी चाहिए और किसी भी तरह की अतिरिक्त लागत को सम्बद्ध आस्ति प्रबंधन कंपनी को वहन करनी चाहिए। यहां कुल व्यय अनुपात (टीईआर) किसी म्युचुअल फंड के प्रबंध व परिचालन से जुड़ी कुल लागत का आकलन है। सेबी ने एमएफ योजनाओं पर सेवा कर लगाने संबंधी एक सवाल के जवाब में यह स्पष्टीकरण दिया है।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement