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किसानों तक वायदा बाजार का फायदा पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है NCDEX, मिलकर कर रहा है APMC के साथ काम

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jan 01, 2020 02:10 pm IST,  Updated : Jan 01, 2020 02:10 pm IST

एनसीडीईएक्स महाराष्ट्र के अकोला जिले के खामगांव में कृषि उत्पन्न बाजार समिति के साथ गठजोड़ कर इलाके के हजारों किसानों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है।

NCDEX is playing an important role in bringing the benefit of the futures market to farmers- India TV Hindi
NCDEX is playing an important role in bringing the benefit of the futures market to farmers

नई दिल्‍ली। देश का सबसे बड़ा एग्री फ्यूचर एक्‍सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्‍स एक्‍सेंच लिमिटेड (NCDEX) किसानों तक वायदा बाजार का फायदा पहुंचाने के लिए देशभर में वि‍भिन्‍न कृषि उत्‍पाद विपणन समितियों (एपीएमसी) के साथ मिलकर काम कर रहा है। सरकार के 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के प्रयासों में भी एनसीडीईएक्‍स अहम भूमिका निभा रहा है।

एनसीडीईएक्‍स ऐसी फसलों के उत्‍पादन केंद्रों की पहचान करता है, जहां सरकार का ज्‍यादा हस्‍तक्षेप नहीं है। एनसीडीईएक्‍स अपनी सहयोगी इकाई एनईआरएल के माध्‍यम से ऐसे क्षेत्रों के आसपास डिलीवरी सेंटर स्‍थापित करता है और इन इलाकों में फार्मर्स प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशंस (एफपीओ) के माध्‍यम से वायदा कारोबार के लिए किसानों को प्रोत्‍साहित करता है। ताकि वे अपने कृषि उत्‍पादों के लिए बेहतर मूल्‍य प्राप्‍त कर सकें।

एनसीडीईएक्‍स महाराष्‍ट्र के अकोला जिले के खामगांव में कृषि उत्‍पन्‍न बाजार समिति के साथ गठजोड़ कर इलाके के हजारों किसानों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है। एनसीडीईएक्‍स की सहयोगी इकाई एनईआरएल ने अकोला में कॉटनसीड ऑयल केक, सोयाबीन और चना का डिलीवरी सेंटर स्‍थापित किया है।

महाराष्‍ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित खामगांव उपज मंडी विदर्भ में दूसरी सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी है। यहां प्रतिदिन 25 से 30 हजार क्विंटल कृषि उपज की आवक होती है। मंडी में प्रमुख रूप से आने वाली फसलों में सोयाबीन, तुअर, चना और ज्‍वार प्रमुख हैं। यहां प्रतिदिन 300 से 400 किसान अपनी उपज को बेचने के लिए यहां आते हैं। इस मंडी की सबसे खास बात यह है कि यहां आज भी खुली नीलामी के जरिये कृषि उपज की खरीदारी होती है और किसान की सहमति के बाद ही उपज की बिक्री की जाती है।

खामगांव मंडी में आढ़तिया विवेक मोहता ने बताया कि एनसीडीईएक्‍स की मदद से वह फसलों के वायदा भाव का अच्‍छे से अंदाजा लगा पाते हैं और इसकी मदद से वह किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्‍य दे पाने में सक्षम हैं। एक्‍सचेंज ने अपने मंच पर कारोबार करने वालों को गुणवत्‍तापूर्ण डिलीवरी के लिए वैश्विक स्‍तर की गुणवत्‍ता के साथ वेयरहाउस की स्‍थापना की है, जहां सभी कृषि उत्‍पादों को कठोर गुणवत्‍ता जांच और बेहतर रख-रखाव के साथ उचित तरीके से भंडार कर रखा जाता है।

एनसीडीईएक्‍स के प्‍लेटफॉर्म पर किसानों की सहभागिता में वृद्धि दर्ज की गई है। अपनी स्‍थापना से लेकर अब तक 29 एफपीओ के 30,500 किसानों ने अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्‍य को हेज करने के लिए एनसीडीईएक्‍स के मंच का उपयोग किया है। इतना ही नहीं एनसीडीईएक्‍स द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त वेयरहाउस में किसान अपनी उपज को रखकर वहां से मिलने वाली डिपॉजिट रसीद पर आसान ऋण भी हासिल कर सकते हैं। किसानों को वायदा बाजार के संबंध में जानकारी देने के लिए एनसीडीईएक्‍स समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यशाला और सेमिनार का भी आयोजन करता है।

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