1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. निजी क्षेत्र में आरक्षण से निवेश माहौल पर होगा बुरा असर, निवेशकों को जाएगा गलत संदेश : एसोचैम

निजी क्षेत्र में आरक्षण से निवेश माहौल पर होगा बुरा असर, निवेशकों को जाएगा गलत संदेश : एसोचैम

 Written By: Manish Mishra
 Published : Nov 13, 2017 06:21 pm IST,  Updated : Nov 13, 2017 06:21 pm IST

निजी क्षेत्र में आरक्षण की किसी भी पहल से देश के निवेश माहौल पर बुरा असर पड़ेगा। एसोचैम ने कहा है कि राजनीतिक दलों को ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए।

निजी क्षेत्र में आरक्षण से निवेश माहौल पर होगा बुरा असर, निवेशकों को जाएगा गलत संदेश : एसोचैम- India TV Hindi
निजी क्षेत्र में आरक्षण से निवेश माहौल पर होगा बुरा असर, निवेशकों को जाएगा गलत संदेश : एसोचैम

नई दिल्ली निजी क्षेत्र में आरक्षण की किसी भी पहल से देश के निवेश माहौल पर बुरा असर पड़ेगा। राजनीतिक दलों को ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए जिससे कि निवेशकों को ‘गलत संकेत’ जाए। उद्योग जगत की अग्रणी संस्था एसोचैम ने यह बात कही है। एसोचैम ने कहा कि ऐसे समय में जब भारत की अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है, निजी क्षेत्र में आरक्षण को लेकर दिया गया कोई भी राजनीतिक बयान आर्थिक क्षेत्र में निवेश परिवेश के लिए बड़ा झटका हो सकता है।

हालांकि, एसोचैम ने इस दिशा में सकारात्मक पहल पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत ने जो छलांग लगाई है उससे मिलने वाले फायदे को उद्योग जगत गंवाने के पक्ष में नहीं है। एसोचैम ने कहा कि उद्योग पहले से ही नोटबंदी के अल्पकालिक प्रभाव के साथ वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) की चुनौतियों से जूझ रहा है।

एसोचैम की यह टिप्पणी कुछ राजनेताओं के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने निजी क्षेत्र की नौकरियों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के लिए आरक्षण की वकालत की है। हाल ही में लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने निजी क्षेत्र की कंपनियों में नौकरियों में आरक्षण की मांग की थी। इसी तरह की मांग कुछ और दलों के नेताओं की ओर से भी की गई।

एसोचैम के महासचिव डी एस रावत ने कहा कि राजनीतिक दलों को इसके बजाय ऐसा वातावरण बनाने पर ध्यान देना चाहिए जिसमें सार्वनजिक और निजी क्षेत्रों में लाखों नौकरियां सृजित की जा सकें। उन्होंने राजनीतिक दलों से वैश्विक और घरेलू निवेशकों को गलत संकेत भेजने से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने कि यदि देश की राजनीतिक अर्थव्यवस्था में यदि लोकलुभावन भावनाओं को हवा दी जाती है तो इसका वृद्धि परिवेश पर बुरा असर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें : ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट, भारतनेट के दूसरे चरण की शुरुआत में जियो ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्‍सा

यह भी पढ़ें : RCOM ने अपने परेशान यूजर्स को दी राहत, चुपके से फिर शुरू किया बंद पड़ा नेटवर्क

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा