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SBI के अर्थशास्त्रियों ने 2021-22 के लिए वृद्धि दर अनुमान घटाया, 7.9 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान

बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही है। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई है

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: June 01, 2021 14:24 IST
ग्रोथ पर असर- India TV Hindi
Photo:PTI

ग्रोथ पर असर

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 7.9 प्रतिशत कर दिया है। पहले उन्होंने 10.4 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। यह सभी विश्लेषकों में सबसे निचला वृद्धि दर का अनुमान है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर वृद्धि दर के अनुमान में बड़ी कटौती की प्रमुख वजह है। एसबीआई इकनॉमिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार महामारी का अर्थव्यवस्था पर अधिक व्यापक प्रभाव पड़ेगा। शहरों की तुलना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अधिक जुझारूपन नहीं दिख रहा है। दबी मांग से चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान पर विशेष असर नहीं पड़ेगा। 

अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी के दाम बढ़ रहे हैं जिसका असर जीडीपी की वृद्धि दर पर पड़ेगा। ‘‘कुल उपभोग व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और सेवाओं की रिकवरी पर निर्भर करेगा। मोटे अनुमान के अनुसार करीब 25 करोड़ परिवारों की आजीविका इन क्षेत्रों पर निर्भर है।’’ उन्होंने कहा कि 145.8 लाख करोड़ रुपये के साथ चालू वित्त वर्ष में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 2019-20 की तुलना में कुछ अधिक रहेगा। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार ‘डब्ल्यू’ आकार में होगा। पहले अर्थव्यवस्था में ‘वी’ आकार के सुधार का अनुमान लगाया जा रहा था। डब्ल्यू आकार के सुधार से तात्पर्य है कि अर्थव्यवस्था में तीव्र गिरावट के बाद सुधार और उसके बाद फिर अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट और तेज सुधार से है। हालांकि, कोविड-19 की दूसरी लहर के बावजूद रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर के अनुमान को 10.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। अन्य विश्लेषक भी चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को घटा रहे हैं। 

सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही है। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। 

 

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