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स्विट्जरलैंड की कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान पर अध्यादेश लाने की योजना

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 18, 2016 06:42 pm IST,  Updated : May 18, 2016 06:42 pm IST

स्विट्जरलैंड ने भारत और अन्य देशों के साथ कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान की प्रणाली स्थापित करने के लिए एक अध्यादेश लाने की प्रक्रिया शुरू की है।

स्विट्जरलैंड की भारत के साथ कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान पर अध्यादेश लाने की योजना- India TV Hindi
स्विट्जरलैंड की भारत के साथ कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान पर अध्यादेश लाने की योजना

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड ने भारत और अन्य देशों के साथ कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान की प्रणाली स्थापित करने के लिए एक अध्यादेश लाने की प्रक्रिया शुरू की है। वित्तीय प्रणाली में गैर-कानूनी कोष के प्रवाह पर लगाम लगाने की दुनिया के देशों की कोशिशों के तहत स्विट्जरलैंड ने कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान में शामिल होने पर सहमति जताई है। स्विस फेडरल काउंसिल ने कर मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान (एईओआई अधिनियम) पर अध्यादेश के लिए परामर्श शुरू किया है।

परामर्श प्रक्रिया नौ सितंबर तक चलेगी। स्विट्जरलैंड की सरकार ने एक बयान में कहा कि अध्यादेश में संघीय परिषद के एईओआई अधिनियम पर संघीय अधिनियम के प्रावधानों का कार्यान्वयन शामिल है। बयान में कहा गया है, अध्यादेश में विशेष तौर पर अन्य वित्तीय संस्थानों तथा छूट वाले खातों का जिक्र है और इसमें स्विस वित्तीय संस्थानों के लिए परिसंपत्तियों तथा देनदारियों की अनिवार्यताओं और जानकारी मुहैया कराने से जुडे ब्योरे का नियमन किया जाता है। इसके अलावा अध्यादेश में ऐसे प्रावधान हैं जिनका कार्यान्वयन सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के लिए आवश्यक है जिनमें संघीय कर प्रशासन की जिम्मेदारी के लिए प्रावधानों का कार्यान्वयन शामिल है। स्विट्जरलैंड के साथ कर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान का समझौता होने से भारत को अवैध धन के प्रवाह पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

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भारत और स्विट्जरलैंड, दोनों देशों ने कथित तौर पर वहां भारतीयों द्वारा काला धन जमा करने से जुड़े कर मामलों में सहयोग बढ़ाया है। भारत समेत 100 देशों और क्षेत्राधिकारों ने एईओआई मानक के कार्यान्वयन के लिए कर सूचनाओं के आदान-प्रदान और पारदर्शिता संबंधी वैश्विक मंच के साथ जुड़ने की अपनी मंशा का खुलासा किया है। बयान में कहा गया, एईओआई 2017 में पेश होना चाहिए ताकि चुनिंदा भागीदारों के साथ सूचनाओं का पहला आदान-प्रदान 2018 से शुरू हो सके। एईओआई के मानकों को पेश होने के बीच स्विट्जरलैंड की संसद ने पिछले साल दिसंबर में दो समझौतों का अनुमोदन किया। ये थे, कर मामलों में परस्पर प्रशासनिक सहायता संबंधी बहुपक्षीय समझौता (प्रशासनिक सहायता समझौता) और बहुपक्षीय सक्षम विभाग समझौता।

बयान के मुताबिक एईओआई प्रणाली द्विपक्षीय स्तर पर सक्रिय होनी चाहिए ताकि इसे भागीदार राज्य के साथ पेश किया जा सके। अब तक स्विट्जरलैंड ने एईओआई पेश किए जाने के संबंध में यूरोपीय संघ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। साथ ही कई अन्य देशों और क्षेत्राधिकारों के साथ एमसीएए के आधार पर संयुक्त घोषणा की है।

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