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अमेरिका का व्यापार घाटा मार्च में रिकॉर्ड 74.4 अरब डॉलर पर पहुंचा, निर्यात में बड़ी गिरावट

अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर होने के साथ आयातित विदेशी सामानों की खरीद बढ़ने से मार्च में अमेरिका का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 74.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: May 05, 2021 10:04 IST
अमेरिका का व्यापार...- India TV Paisa
Photo:AP

अमेरिका का व्यापार घाटा मार्च में रिकॉर्ड 74.4 अरब डॉलर पर पहुंचा, निर्यात में बड़ी गिरावट

वाशिंगटन। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर होने के साथ आयातित विदेशी सामानों की खरीद बढ़ने से मार्च में अमेरिका का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 74.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका का यह व्यापार घाटा उसके फरवरी के 70.5 अरब डालर के घाटे से 5.6 प्रतिशत अधिक है। अमेरिका विदेशों से जो खरीदता है और विदेशों को जो बेचता है उसमें खरीद अधिक रहने पर व्यापार घाटा होता है। 

अमेरिका का आयात इस दौरान 6.3 प्रतिशत बढ़कर 274.5 अरब डॉलर हो गया जबकि निर्यात 6.6 प्रतिशत बढ़कर 200 अरब डॉलर रहा। अमेरिका का आयात अधिक रहने से मार्च में उसे व्यापार घाटा हुआ। चीन के साथ उसका व्यापार घाटा 11.6 प्रतिशत बढ़कर 27.7 अरब डॉलर रहा जो किसी भी देश के साथ उसका सबसे बड़ा व्यापार घाटा है।

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Goldman Sachs ने की भारत के वृद्धि‍ अनुमान में कटौती

अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और उसके चलते कई राज्यों तथा शहरों में लागू लॉकडाउन के मद्देनजर वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान को 11.7 प्रतिशत से घटाकर 11.1 प्रतिशत कर दिया है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर भयानक रूप ले चुकी है और इस बीमारी से अब तक 2.22 लाख लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हर दिन संक्रमण के 3.5 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। इस कारण पूरे देश में सख्त लॉकडाउन की मांग भी जोर पकड़ने लगी है, हालांकि आर्थिक नुकसान को देखते हुए मोदी सरकार ने अभी तक इस कदम से परहेज किया है।

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गोल्डमैन सैक्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि लॉकडाउन की तीव्रता पिछले साल के मुकाबले कम है। फिर भी, भारत के प्रमुख शहरों में सख्त प्रतिबंधों का असर साफ दिखाई दे रहा है। शहरों में सख्त लॉकडाउन से सेवाओं पर खासतौर से असर पड़ा है। इसके अलावा बिजली की खपत, और अप्रैल में विनिर्माण पीएमआई के स्थिर रहने से विनिर्माण क्षेत्र पर असर पड़ने के संकेत भी मिल रहे हैं।

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