आज के समय में घर का किराया ऑनलाइन चुकाना काफी आसान हो गया है। काफी सारे लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी किराया भरने के लिए करते हैं। इससे पेमेंट करना सुविधाजनक लगता है और कुछ मामलों में रिवॉर्ड पॉइंट्स भी मिलते हैं। लेकिन अगर सावधानी नहीं बरती जाए तो यही सुविधा अतिरिक्त फीस, भारी ब्याज और क्रेडिट स्कोर पर असर का कारण बन सकती है। इसलिए क्रेडिट कार्ड से किराया भरते समय इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।
1. फीस की जानकारी लिए बिना किराया न भरें: क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट पर कुछ प्लेटफॉर्म कंवीनियंस या प्रोसेसिंग फीस लेते हैं। यह शुल्क करीब 2% तक हो सकता है। उदाहरण के लिए, ₹30,000 के किराए पर 2% फीस यानी ₹600 एक्स्ट्रा हर महीने देने पड़ सकते हैं। सालभर में यह रकम ₹7,200 हो जाती है। ऐसे में मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा भी खत्म हो सकता है।
2. क्रेडिट लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल न करें: मान लीजिए आपके कार्ड की लिमिट ₹1 लाख है और आप ₹40,000 का किराया क्रेडिट कार्ड से भरते हैं। यानी आपकी लिमिट का 40% हिस्सा सिर्फ किराए में इस्तेमाल हो गया। दूसरे खर्चों के साथ यह अनुपात और बढ़ सकता है। लगातार ज्यादा क्रेडिट यूटिलाइजेशन आपके क्रेडिट प्रोफाइल के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
3. सिर्फ मिनिमम अमाउंट भरने की गलती: क्रेडिट कार्ड बिल में कम रकम देखकर सिर्फ मिनिमम अमाउंट भरना आसान लग सकता है। लेकिन बाकी रकम पर ब्याज लगता रहता है। अगर किराए का खर्च अगले बिल में चला गया और पूरा भुगतान नहीं किया गया, तो यह रकम काफी महंगी पड़ सकती है।
4. किराया भरने से क्रेडिट स्कोर बढ़ेगा, ऐसा न मानें: हर महीने समय पर किराया देने का मतलब यह जरूरी नहीं कि वह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी दर्ज हो। खासकर UPI या बैंक ट्रांसफर से किए गए किराए के भुगतान आमतौर पर लोन या क्रेडिट कार्ड भुगतान की तरह क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट नहीं होते। कुछ प्लेटफॉर्म रेंट रिपोर्टिंग की सुविधा दे सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर जांचें कि पेमेंट वास्तव में क्रेडिट ब्यूरो तक रिपोर्ट हो रहा है या नहीं।
5. क्रेडिट कार्ड की ड्यू डेट न भूलें: किराया समय पर भरने के बाद अगर क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं चुकाया, तो परेशानी बढ़ सकती है। लेट पेमेंट से ब्याज और ज्यादा चार्ज लग सकते हैं और क्रेडिट हिस्ट्री पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।