1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. एच-1बी वीजा पर सात समंदर पार अमेरिका से आई बड़ी खबर, क्या अब USA जाने की तमन्ना पर फिर जाएगा पानी?

एच-1बी वीजा पर सात समंदर पार अमेरिका से आई बड़ी खबर, क्या अब USA जाने की तमन्ना पर फिर जाएगा पानी?

 Published : Apr 29, 2023 05:32 pm IST,  Updated : Apr 29, 2023 05:32 pm IST

H-1B Visa Updates: भारत के आईटी पेशेवरों के बीच एच-1बी वीजा की सबसे अधिक मांग रहती है। एच-1बी वीजा, एक गैर-अप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को नियोजित करने की अनुमति देता है, जिन्हें तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।

H-1B visa News- India TV Hindi
H-1B visa News Image Source : FILE

H-1B visa News: अमेरिका की एक संघीय एजेंसी ने एच-1बी पंजीकरण प्रक्रिया का आधुनिकीकरण करने की योजना बनाई है। एजेंसी ने यह फैसला कुछ कंपनियों की ओर से कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली में अपने कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए वीजा हासिल करने की संभावनाओं को कृत्रिम रूप से बढ़ाने की कोशिश करने के बाद किया है। इन कंपनियों ने कथित रूप से गलत प्रक्रिया को अपनाया और धोखाधड़ी की। एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विदेशी कर्मियों को नियुक्त करने की इजाजत देता है, जिन्हें सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस पर निर्भर हैं। 

अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के एच-1बी सत्रों से मिले साक्ष्यों के आधार पर उसने पहले ही व्यापक धोखाधड़ी जांच की है। एच-1बी वीजा देने वाली सर्वोच्च एजेंसी यूएससीआईएस ने कहा कि वह आपराधिक अभियोजन के लिए सलाह ले रहा है। एजेंसी ने कहा कि कुछ कंपनियां वीजा पाने की संभावनाओं को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए एक ही आवेदकों को कई बार लॉटरी में शामिल करने के लिए जिम्मेदार हैं।

आईटी पेशेवरों के बीच सबसे अधिक मांग

भारत के आईटी पेशेवरों के बीच एच-1बी वीजा की सबसे अधिक मांग रहती है। एच-1बी वीजा, एक गैर-अप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को नियोजित करने की अनुमति देता है, जिन्हें तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर करती हैं। गृह सुरक्षा पर आधारित एक संसदीय समिति की सुनवाई के दौरान श्री थानेदार ने मायोरकास से कहा, ‘‘हमें अप्रवासन के लिए कानूनी रास्ते का विस्तार करना चाहिए, जिसमें एच-1बी वीजा की सीमा को बढ़ाना भी शामिल है।’’

आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध

व्हाइट हाउस ने कहा है कि बाइडन प्रशासन आर्थिक विकास और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए क्वॉड जैसे समूहों में भारत के साथ मिलकर काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है। नवंबर 2017 में, भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने के सिलसिले में नयी रणनीति बनाने के लिए क्वॉड की स्थापना की थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन ज्यां-पियरे ने बुधवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अमेरिका और भारत के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं और इसमें व्यापार संबंध भी शामिल हैं।” ज्यां-पियरे ने कहा, “हम अपने दोनों देशों के आर्थिक विकास और हमारी साझा प्राथमिकताओं में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से क्वॉड जैसे समूहों में एक साथ काम करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 7.65 प्रतिशत बढ़कर 128.55 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि 2021-22 में यह 119.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। 2020-21 में यह 80.51 अरब अमेरिकी डॉलर था। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा