भारी भरकम टैरिफ में कटौती की उम्मीद
इस वार्ता से कोई बड़ा समझौता निकलने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अमेरिका और चीन टैरिफ में कुछ हद तक कटौती कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इससे वैश्विक वित्तीय बाजारों और अमेरिका-चीन व्यापार पर निर्भर कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयात पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ा दिए थे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध की स्थिति बन गई थी।
ट्रंप सरकार के फैसले के बाद अप्रैल में चीन ने भी अमेरिका के खिलाफ टैरिफ लगाने की घोषणा की। फिलहाल अमेरिका ने चीन पर 145 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया हुआ है, जबकि चीन ने अमेरिका पर 125 प्रतिशत तक टैरिफ लागू कर रखा है। इससे पहले चीन ने संकेत दिए थे कि वह अमेरिका के टैरिफ कम करने के प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। इस दिशा में जारी वार्ता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच चल रही टैरिफ वॉर को कम करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
वार्ता से पहले ट्रंप ने चीन पर घटाया टैरिफ
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए चीन पर लगाए गए ऊंचे सीमा शुल्क को घटाकर 80 प्रतिशत करने की बात कही है। ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए साझा की और इस कदम को अमेरिका-चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध को शांत करने की दिशा में एक प्रयास बताया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि 80 प्रतिशत सीमा शुल्क उपयुक्त है, और इसके साथ ही उन्होंने चीन से अनुरोध किया कि वह अपने बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोले। उनके अनुसार, यह कदम चीन के लिए भी फायदेमंद होगा क्योंकि अब बंद बाजार की नीति कारगर नहीं रह गई है। चीन से आयात पर टैरिफ कम करने का यह प्रस्ताव अमेरिका में उपभोक्ता वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहे असर को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सामने आया है। यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका अब इस टैरिफ वॉर के प्रभाव को सीमित करने और द्विपक्षीय व्यापार को स्थिर करने की दिशा में गंभीर है।