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Budget 2022: इस मामले में फिसड्डी रही सरकार, रिपोर्टकार्ड देखकर आएंगे आंसू

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 01, 2022 03:45 pm IST,  Updated : Feb 01, 2022 03:45 pm IST

सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के विनिवेश लक्ष्य में बड़ी कटौती की घोषणा की है। पिछले साल उन्होंने 2021-22 के बजट में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य घोषित किया था।

Budget 2022- India TV Hindi
Budget 2022 Image Source : PTI

Highlights

  • चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से होने वाली आय के अनुमान में भारी कटौती की
  • इसे 1.75 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 78,000 करोड़ रुपये कर दिया
  • विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है

नयी दिल्ली। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से होने वाली आय के अनुमान में भारी कटौती करते हुए इसे 1.75 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 78,000 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही उसने अगले वित्त वर्ष में विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए कहा कि अगले वित्त वर्ष में सरकार को विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। 

हालांकि, सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के विनिवेश लक्ष्य में बड़ी कटौती की घोषणा की है। पिछले साल उन्होंने 2021-22 के बजट में विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य घोषित किया था। लेकिन वित्त वर्ष खत्म होने में सिर्फ दो महीने का ही वक्त रह जाने के बीच सरकार अबतक सिर्फ 12,030 करोड़ रुपये का ही विनिवेश राजस्व जुटा पाई है। इसमें 2,700 करोड़ रुपये एयर इंडिया की बिक्री से मिले हैं जबकि 9,330 करोड़ रुपये विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की अल्पांश हिस्सेदारी बेचने से मिले हैं। 

वर्ष  लक्ष्य  प्राप्ति
2012-22 1.75 लाख करोड़ (संशोधित 78,000 करोड़) 12,030 करोड़ (जनवरी 2022 तक
2020-21 2.10 लाख करोड़ 37,897 करोड़ 
2019-20  1.05 लाख करोड़  (संशोधित 65,000 करोड़)  50,298 करोड़
2018-19 80,000  84,972 
 2017-18 1 लाख करोड़ 1,00,056 करोड़ 

हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर वह वर्ष 2021-22 के संशोधित विनिवेश लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगी। एलआईसी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारियां चल रही हैं और मार्च में इसके आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा सरकार बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन, कंटेनर कॉरपोरेशन, आरआईएनएल और पवनहंस लिमिटेड की भी रणनीतिक बिक्री की कोशिश में लगी हुई है। सरकार इसके पहले भी कई बार अपने विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने से चूकी है। 

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