देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट पैसों की कमी और बैंक गारंटी न मिलने के चलते लटके पड़े हैं। इसे देखे हुए सरकार ने एक नई पहल की है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंफ्रा क्षेत्र में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए देश का पहला श्योरिटी बॉन्ड (गारंटी बॉन्ड) बीमा उत्पाद जारी किया। इससे बैंक गारंटी पर ढांचागत डेवलपरों की निर्भरता कम होगी।
क्या होते हैं श्योरिटी बॉन्ड
श्योरिटी बॉन्ड कॉरपोरेट और वित्तीय गारंटी से अलग होते हैं। इसमें किसी बीमित परियोजना को पूरा करने या प्रदर्शन का दायित्व निहित होता है जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड ऋण चुकाने से संबंधित वित्तीय दायित्व से संबंधित होते हैं। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि इस बीमा उत्पाद से ठेकेदारों के एक खास समूह की जरूरतें पूरी हो पाएंगी जो आज के उतार-चढ़ाव से भरे माहौल में काम कर रहे हैं। उन्होंने बीमा उद्योग को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक सुरक्षित कारोबार होने वाला है।
किस कंपनी ने लॉन्च किया ये प्रॉडक्ट
देश के पहले गारंटी बॉन्ड बीमा उत्पाद को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस की तरफ से जारी किया गया है। इसे ढांचागत उद्योग और सरकार की तरफ से आ रही मांग को देखते हुए विकसित किया गया है। श्योरिटी बॉन्ड बीमा ढांचागत परियोजनाओं के लिए एक गारंटी व्यवस्था के तौर पर काम करेगा। इससे ढांचागत परियोजना के ठेकेदार और ठेका देने वाले संस्थान दोनों को संरक्षण मिलेगा।
कैसे मिलेगा इसका फायदा
श्योरिटी बॉन्ड बीमा में ढांचागत परियोजना आवंटित करने वाली कंपनी को यह भरोसा मिलेगा कि अगर ठेकेदार अनुबंध की शर्तों का पालन करने में नाकाम रहता है तो उसे नुकसान नहीं होगा। इस बॉन्ड के एवज में दावा किए जाने पर आवंटनकर्ता कंपनी को नुकसान की भरपाई की जाएगी। गडकरी ने बीमा उद्योग से ठेकेदार फर्मों की रेटिंग तैयार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।



































