1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. 15 महीने में सोना करीब 45% महंगा हुआ? जानिए क्या यह तेजी जारी रहेगी या आएगी बड़ी गिरावट?

15 महीने में सोना करीब 45% महंगा हुआ? जानिए क्या यह तेजी जारी रहेगी या आएगी बड़ी गिरावट?

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Apr 02, 2025 04:05 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 04:05 pm IST

निवेशक अपने रिस्क लेने की क्षमता, निवेश की अवधि और वित्तीय लक्ष्‍य के अनुरूप एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाए रख सकते हैं।

Gold- India TV Hindi
सोना Image Source : FILE

2024 से लेकर इस साल अब तक सोने की कीमत में जबरदस्त तेजी रही है। आपको बता दें कि घरेलू बाजार में 2024 में सोना 27.24% महंगा हुआ था। वहीं, 2025 में अभी तक सोना करीब 18% महंगा हो चुका है। इस तरह पिछले 15 महीने में सोना 45% महंगा हो गया है। सोने में यह तेजी क्या आगे भी जारी रहेगी या बड़ी गिरावट आ सकती है। वहीं अगर गोल्ड ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो क्यों करें? क्या निवेश करना जारी रखें? अगर आप सोने की ज्वैलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इंतजार करना सही होगा? आइए आपके सभी सवालों के जवाब देते हैं। 

सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद

बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर, गुरविंदर सिंह वासन के अनुसार, सोने में पिछले 15 महीने से लगातार तेजी है। यह तेजी  वर्तमान में दुनिया भर में जियो-पॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बनी है। जब भी दुनिया में उथल-पुथल की स्थिति होती है तो सोने की "सेफ हैवन" वाली स्थिति और मजबूत होती है। इसलिए पिछले 15 महीने से सोने में एकतरफा रैली है। एक प्रमुख फैक्‍टर केंद्रीय बैंकों द्वारा रिकॉर्ड तोड़ सोना खरीदना भी है, जिसका उद्देश्य रिजर्व में विविधता लाना और अमेरिकी डॉलर जैसी सिंगल-करेंसी एसेट्स पर निर्भरता कम करना है। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है, जिससे निकट भविष्य से लेकर लॉन्‍ग टर्म में सोने की कीमतों में तेजी बनी रहेगी। बड़ौदा बीएनपी परिबास म्‍यूचुअल फंड का यह अनुमान है कि सोने की कीमतें तेजी का ट्रेंड बना रहेगा, हालांकि इसमें कुछ स्थिरता की उम्मीद है।

गोल्ड फंड में निवेश करें या नहीं? 

लॉन्‍ग टर्म निवेशकों के लिए, सोने से संबंधित एसेट्स हमेशा एक व्यवहारिक विकल्प होते हैं। शॉर्ट टर्म की प्राइस वोलैटिलिटी को कम करने के लिए सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) की सलाह है। इंडेक्स फंड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) और फंड ऑफ फंड सहित गोल्ड फंड, व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के दौरान पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान कर सकते हैं और महंगाई के खिलाफ सुरक्षा दे सकते हैं।

सोने में कमा लिया मुनाफा तो क्या करें?

निवेशक अपने रिस्क लेने की क्षमता, निवेश की अवधि और वित्तीय लक्ष्‍य के अनुरूप एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाए रख सकते हैं। एलाइनमेंट सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर पोर्टफोलियो समीक्षा जरूरी है। फाइनेंशियल प्लानर लॉन्‍ग टर्म एसेट एलोकेशन पर टिके रहने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि यह पोर्टफोलियो रिटर्न का एक प्रमुख निर्धारक है। अगर आवश्यक हो, तो फाइनेंशियल एडवाइजर के गाइडेंस में री-बैलेंसिंग किया जा सकता है। सोने को आम तौर पर एक लॉन्‍ग टर्म एसेट क्लास माना जाता है और उसी के अनुसार स्‍ट्रैटेजी अपनाई जानी चाहिए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा