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'मैं लाइन में इलॉन मस्क से भी आगे हूं', भारत में SATCOM सर्विस की मंजूरी को लेकर सुनील भारती मित्तल ने स्टारलिंक को दिया कड़ा जवाब

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 14, 2026 11:17 pm IST,  Updated : Oct 14, 2026 11:17 pm IST

भारती एयरटेल के चेयरमैन ने कहा कि उनका ग्राउंड नेटवर्क पिछले 3 साल से तैयार है और सैटेलाइट 5 साल से भारत के ऊपर चक्कर लगा रहे हैं।

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सुनील भारती मित्तल Image Source : PTI

भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने बुधवार को कहा कि उनकी कंपनी Eutelsat OneWeb भारत में सैटेलाइट कम्यूनिकेशन्स (SATCOM) सर्विस के लिए मंजूरी पाने की लाइन में इलॉन मस्क की स्टारलिंक से काफी आगे है। सुनील भारती मित्तल ने कहा कि उन्होंने 5 साल पहले लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। मित्तल ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर उनकी कंपनी को मस्क की स्टारलिंक से कम से कम कुछ दिन पहले सर्विस शुरू करने की मंजूरी मिल जाए। 

सुनील भारत मित्तल ने 5 साल पहले किया था आवेदन

सुनील भारती मित्तल ने ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम 2026 में कहा, ''मुझे लगता है कि मैं उनसे लाइन में काफी आगे हूं। मैंने 5 साल पहले आवेदन किया था।'' मित्तल से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर जारी बहस के बीच मस्क की ओर से हाल में देश के टेलीकॉम सेक्टर के अरबपतियों पर किए गए स्टेटमेंट्स के बारे में पूछा गया था। 

भारत के ऊपर 5 साल से चक्कर लगा रहे हैं सैटेलाइट

भारती एयरटेल के चेयरमैन ने कहा कि उनका ग्राउंड नेटवर्क पिछले 3 साल से तैयार है और सैटेलाइट 5 साल से भारत के ऊपर चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद कंपनी को सर्विस शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। मित्तल ने कहा, ''हमें अनुमति नहीं मिली है, इसलिए हमें खुशी होगी अगर ये मंजूरी मस्क से कम से कम कुछ दिन पहले मिल जाए।'' इलॉन मस्क ने अभी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया था कि कुछ लोग भारत में एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं और इसी वजह से वे भारत में स्टारलिंक को रोक रहे हैं। 

किसी भी सेक्टर में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता भारत

संचार मंत्रालय ने अगले दिन इस पर जवाब देते हुए कहा था कि नियामकीय ढांचे या उसके क्रियान्वयन को अनुचित या भेदभावपूर्ण बताने वाली बात का कोई आधार नहीं है और ये गलतफहमी पर आधारित है। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि भारत किसी भी सेक्टर में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता।

Elon Musk की स्टारलिंक पर कड़ी से कड़ी शर्तें लगाने की मांग

बताते चलें कि भारत के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट कूटनीति फाउंडेशन ने सरकार से विदेशी सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडरों पर कड़ी और ऐसी शर्तें लगाने का आग्रह किया है, जिनसे कोई समझौता न किया जाए। इंस्टीट्यूट का कहना है कि इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक सर्विस अमेरिका को कम्यूनिकेशन इंफ्रा पर रणनीतिक बढ़त दे सकती है और भारत की प्रौद्योगिकी संप्रभुता को कमजोर कर सकती है।

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