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देश 22 लाख स्किल्ड ड्राइवरों की कमी का कर रहा है सामना, नितिन गडकरी ने जानें और क्या कहा

 Published : Apr 03, 2025 03:39 pm IST,  Updated : Apr 03, 2025 03:42 pm IST

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से क्लस्टर दृष्टिकोण सहित ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।

लोकसभा में गुरुवार को बोलते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी।- India TV Hindi
लोकसभा में गुरुवार को बोलते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी। Image Source : SANSAD TV

वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 22 लाख स्किल्ड ड्राइवरों की कमी है। यह जानकारी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अच्छी ट्रेनिंग की कमी के चलते कई दुर्घटनाएं हो रही हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहा कि केंद्र ने ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है।

1600 ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे

खबर के मुताबिक, लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से कई दुर्घटनाएं और मौतें होती हैं। उन्होंने कहा कि 1600 ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापित किए जाएंगे।

गडकरी ने कहा कि इससे 60 लाख से अधिक रोजगार पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से क्लस्टर दृष्टिकोण सहित ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर), क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (आरडीटीसी) और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (डीटीसी) की स्थापना के लिए उपयुक्त प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया है। गडकरी ने कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण लगभग 1.8 लाख लोग मरते हैं और उनमें से कई अनट्रेंड ड्राइवरों की वजह से मरते हैं।

55.1 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर

इससे पहले, एक रिपोर्ट में यह सामने आया था कि भारत में करीब 55.1 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर है, जबकि 53.3 प्रतिशत को दूर की दृष्टि में सुधार की जरूरत है और 46.7 प्रतिशत को निकट दृष्टिदोष के उपचार की जरूरत है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली द्वारा तैयार इस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 44.3 प्रतिशत ड्राइवरों में शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई) सीमा रेखा या उससे अधिक है जबकि 57.4 प्रतिशत में रक्तचाप का स्तर बढ़ा हुआ है और 18.4 प्रतिशत में ब्लड शुगर सीमा रेखा या उससे अधिक पाया गया।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तब कहा था कि सड़कों पर 70 प्रतिशत यातायात और ढुलाई लागत 14-16 प्रतिशत बढ़ने के साथ भारत परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है।

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