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फ्लाइट से सफर करने वालों की संख्या घटी, एयरलाइंस की बढ़ी चिंता! अप्रैल के आंकड़ों ने चौंकाया

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jun 01, 2026 02:47 pm IST,  Updated : Jun 01, 2026 02:47 pm IST

भारत में हवाई यात्रा को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। अप्रैल 2026 में घरेलू उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या घटकर साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।

हवाई यात्री घटे- India TV Hindi
हवाई यात्री घटे Image Source : CANVA

देश में हवाई यात्रा को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। अप्रैल 2026 में घरेलू उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या घटकर साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों और पर्यटन सीजन में एयर ट्रैफिक बढ़ता है, लेकिन इस बार हालात अलग रहे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के कारण कई लोगों ने यात्रा योजनाओं को टाल दिया, जिसका सीधा असर एयरलाइंस कंपनियों पर पड़ा है।

नागरिक उड्डयन क्षेत्र के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में घरेलू उड़ानों से करीब 1.38 करोड़ यात्रियों ने सफर किया। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 3 प्रतिशत से अधिक कम रही। इतना ही नहीं, यह पूरे साल 2026 का सबसे कमजोर महीना साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते लोग गैर-जरूरी यात्राओं से बच रहे हैं। आईटी और सर्विस सेक्टर में रोजगार को लेकर बनी चिंता ने भी यात्रा खर्च पर असर डाला है।

इंडिगो ने बढ़ाई पकड़, एयर इंडिया को झटका

बाजार में कुल यात्रियों की संख्या घटने के बावजूद इंडिगो ने अपनी स्थिति और मजबूत की है। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी घटकर 25 प्रतिशत से भी नीचे आ गई। अकासा एयर ने तीसरे सबसे बड़े एयरलाइन के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है।

स्पाइसजेट की बढ़ी मुश्किलें

अप्रैल महीने में स्पाइसजेट का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। समय पर उड़ान संचालन के मामले में कंपनी काफी पीछे रही। बड़ी संख्या में उड़ानें दो घंटे से ज्यादा देर से चलीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

आने वाले महीनों पर टिकी नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि जून, जुलाई और अगस्त आमतौर पर एयरलाइंस के लिए कमजोर महीने होते हैं। ऐसे में कंपनियों की उम्मीद अब दिवाली सीजन, शादी-विवाह के मौसम और त्योहारों की यात्रा मांग पर टिकी है। यदि वैश्विक हालात सुधरते हैं और ईंधन की कीमतें कंट्रोल रहती हैं, तो साल के दूसरे हिस्से में हवाई यात्रा की रफ्तार फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल अप्रैल के आंकड़ों ने एयरलाइंस उद्योग की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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