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भारत में लोग Job करने के बजाय अपना Business करने पर दे रहे ध्यान, आज की इस रिपोर्ट ने लगा दी मुहर

Edited By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary Published : Apr 13, 2023 03:03 pm IST, Updated : Apr 13, 2023 03:03 pm IST

Commercial Vehicle Sales Report: एक तरफ मंदी के चलते लोगों की नौकरी जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय बिजनेस पर फोकस कर रहे हैं। आज कमर्शियल व्हीकल की बिक्री को लेकर जो रिपोर्ट आई है उसने इस बात पर मुहर लगा दी है कि लोग आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

commercial vehicle sales report- India TV Paisa
Photo:FILE यात्री वाहनों की घरेलू थोक बिक्री में आई उछाल

Passenger vehicles sales in India: केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान को हर तरफ प्रमोट कर रही है। सरकार की कोशिश अधिक से अधिक बिजनेस को बढ़ावा देना है ताकि लोगों को रोजगार के नए मौके मिल सके। कारोबार से जुड़े एक्सपर्ट बताते हैं कि जब बाजार में कमर्शियल वाहनों की बिक्री में तेजी आती है तो यह उस देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत माने जाते हैं, क्योंकि यह वाहन बिजनेस के उद्देश्य से खरीदे जाते हैं। जब कंपनियों या कारोबारियों को सेल या उन्हें इस बात की उम्मीद दिखती है कि आने वाले समय में मार्केट में तेजी आएगी तो वह ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करने पर फोकस करना शुरू कर देती हैं। यात्री वाहनों की घरेलू थोक बिक्री मार्च में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 4.7 प्रतिशत बढ़कर 2,92,030 इकाई रही है। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि पिछले साल मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 2,79,525 इकाई रही थी।

पिछले साल के मुकाबले  

सियाम ने कहा कि पिछले महीने घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री 12,90,553 इकाई रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 11,98,825 इकाई थी। पिछले महीने वाहनों की कुल थोक बिक्री 16,37,048 इकाई रही, जबकि मार्च, 2022 में 15,10,534 वाहन बिके थे। 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में यात्री वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री बढ़कर 38,90,114 इकाई रही, जबकि 2021-22 में यह 30,69,523 इकाई थी। सियाम ने कहा कि 2022-23 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 1,58,62,087 इकाई रही, जबकि 2021-22 में यह 1,35,70,008 इकाई थी। वित्त वर्ष 2022-23 में विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की कुल बिक्री बढ़कर 2,12,04,162 इकाई पर पहुंच गई, जो 2021-22 में 1,76,17,606 इकाई थी।

EV इंडस्ट्री में दिखी ग्रोथ

सरकार के प्रोत्साहन, स्थानीय स्तर पर बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग, राज्यों के स्तर पर सब्सिडी और GST दरों में कटौती से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की पैठ अभी सिर्फ एक प्रतिशत है। रिपोर्ट कहती है कि सरकार का 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य चार्जिंग ढांचे और उपभोक्ताओं के परंपरागत पेट्रोल, डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक की ओर स्थानांतरित होने के रुख पर निर्भर करेगा। मूडीज ने कहा कि हमारा मानना है कि सरकार की विभिन्न पहल से देश में ईवी की पहुंच बढ़ेगी। इनमें उपभोक्ताओं को दिया जाने वाला प्रोत्साहन भी शामिल है। इसके अलावा एडवांस बैटरी स्टोरेज के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन, जीएसटी में कटौती और राज्यों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी जैसे कारक भी ईवी की पहुंच बढ़ाने में मदद करेंगे।

 

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