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खरीफ बुवाई में कमी से बढ़ी सरकार की टेंशन, खाद्यान्न भंडार, कीमतों के प्रबंधन पर बढ़ेगा फोकस

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Sep 17, 2022 08:27 pm IST,  Updated : Sep 17, 2022 08:27 pm IST

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार भारत में मुद्रास्फीति का दबाव कम होता हुआ दिख रहा है।

Kharif Crop- India TV Hindi
Kharif Crop Image Source : FILE

वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में शनिवार को कहा गया कि खरीफ बुवाई में कमी के बीच कृषि जिंसों के भंडार के बेहतर प्रबंधन की जरूरत है। रिपोर्ट में साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि मुद्रास्फीति के मोर्चे पर आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यानी महंगाई का सख्ती के मुकाबला करना चाहिए। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार भारत में मुद्रास्फीति का दबाव कम होता हुआ दिख रहा है।

सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक उपायों के साथ ही चुस्त मौद्रिक नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंस कीमतों में नरमी के चलते ऐसा हुआ। रिपोर्ट में आगे कहा गया, श्श्इसके बावजूद मुद्रास्फीति के मोर्चे पर आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि खरीफ सत्र में कम फसल बुवाई की स्थिति में कृषि जिंसों के भंडार और बाजार कीमतों के कुशल प्रबंधन की जरूरत है।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि धान की बुवाई क्षेत्र में कमी के कारण इस साल खरीफ सत्र के दौरान भारत का चावल उत्पादन 1-1.2 करोड़ टन घट सकता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के चलते घरेलू कीमतों में भी वृद्धि हुई। हालांकि, सरकार द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेपों के कारण घरेलू कीमतों में वृद्धि अपेक्षाकृत मामूली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, श्श्बाहरी दबाव कम होने के साथ ही, भारत में मुद्रास्फीति के दबाव भी कम होने की संभावना है।

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