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नेशनल हाईवेज पर प्राइवेट व्हीकल्स के लिए शुरू हो सकते हैं मंथली और एनुअल पास, जानिए क्या है सरकार का प्लान

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Jan 16, 2025 06:52 am IST,  Updated : Jan 16, 2025 06:52 am IST

नेशनल हाईवेज पर प्राइवेट व्हीकल्स के लिए मंथली और एनुअल पास जारी हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही है।

टोल टैक्स- India TV Hindi
टोल टैक्स Image Source : FILE

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर निजी वाहनों के लिए टोल कलेक्शन के बदले मासिक और वार्षिक पास शुरू करने पर विचार कर रही है, क्योंकि कुल वसूली में निजी वाहनों की हिस्सेदारी केवल 26 प्रतिशत है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि टोल संग्रह बूथ गांवों के बाहर स्थापित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही में बाधा न आए। मंत्री ने कहा, “टोल राजस्व का 74 प्रतिशत हिस्सा वाणिज्यिक वाहनों से आता है। हम निजी वाहनों के लिए मासिक या वार्षिक पास शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।”

कुल टोल कलेक्शन में प्राइवेट व्हीकल्स का हिस्सा 26%

उन्होंने कहा कि कुल टोल संग्रह में निजी वाहनों की हिस्सेदारी केवल 26 प्रतिशत है, इसलिए सरकार को कोई नुकसान नहीं होगा। गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शुरुआत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग के साथ एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में बाधा रहित वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल संग्रह प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल संग्रह प्रणाली वर्तमान टोल संग्रह प्रणाली से बेहतर होगी।”

टोल पर नहीं लगेगा ज्यादा टाइम

पिछले साल जुलाई में गडकरी ने कहा था कि जीएनएसएस आधारित उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली के संबंध में कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-275 के बेंगलुरु-मैसुरु सेक्शन और हरियाणा में एनएच-709 के पानीपत-हिसार सेक्शन पर एक प्रायोगिक अध्ययन किया गया है। इस कदम का उद्देश्य यातायात की भीड़ को कम करना और राजमार्गों पर यात्रा के लिए सटीक दूरी के आधार पर शुल्क लेना है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों के लिए औसत प्रतीक्षा समय आठ मिनट था। वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 के दौरान फास्टैग की शुरुआत के साथ वाहनों का औसत प्रतीक्षा समय घटकर 47 सेकंड रह गया है। यद्यपि कुछ स्थानों पर, विशेषकर शहरों के निकट घनी आबादी वाले कस्बों में प्रतीक्षा समय में काफी सुधार हुआ है, फिर भी व्यस्त समय के दौरान टोल प्लाजा पर कुछ देरी होती है।

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