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गडकरी ने दिया नॉर्थ-ईस्ट को बड़ा तोहफा, ₹1176 करोड़ की लागत से तीस्ता नदी के ऊपर बनेगा 6-लेन ब्रिज; सिलिगुड़ी-सिक्किम तक सफर होगा आसान

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 01, 2026 11:48 am IST,  Updated : Oct 01, 2026 11:48 am IST

नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीस्ता नदी पर नए छह लेन के पुल के लिए ₹1,176 करोड़ की मंजूरी की घोषणा की है।

तीस्ता नदी पर बनेगा ₹1176...- India TV Hindi
तीस्ता नदी पर बनेगा ₹1176 करोड़ का 6-लेन ब्रिज (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : ANI

सिक्किम और नॉर्थ-ईस्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ₹1,176 करोड़ की लागत से तीस्ता नदी पर एक नया छह लेन का ब्रिज बनाने को मंजूरी दी है। यह पुल पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सेवोक में NH-10 पर बनाया जाएगा। करीब 6.9 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट, अपने एप्रोच रोड समेत, सिलिगुड़ी से सिक्किम और आगे नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि तीस्ता नदी पर नए छह लेन के पुल के लिए ₹1,176 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह ब्रिज पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सेवोक में NH-10 पर बनाया जाएगा। एप्रोच रोड समेत इसकी कुल लंबाई करीब 6.9 किलोमीटर होगी। NH-10 सिलिगुड़ी को सिक्किम से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों में शामिल है। इस रास्ते पर पर्यटन, व्यापार, स्थानीय आवाजाही और दूसरे जरूरी परिवहन के कारण लगातार ट्रैफिक रहता है।

सिक्किम और नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नए ब्रिज का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों और माल ढुलाई को मिल सकता है। मौजूदा सड़क नेटवर्क पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। छह लेन का नया पुल बनने से वाहनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी और सेवोक के आसपास जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। इससे सिलिगुड़ी, सिक्किम और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों के बीच यात्रियों और माल की आवाजाही आसान बनाने का लक्ष्य है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से स्थानीय कारोबार और पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

क्यों खास है सिलिगुड़ी कॉरिडोर?

सिलिगुड़ी कॉरिडोर को अक्सर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है। यह देश के बाकी हिस्सों को नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण भूमि मार्ग है। इस संकरे क्षेत्र में ट्रैफिक, मौसम या किसी अन्य वजह से आवाजाही प्रभावित होने पर पूरे नॉर्थ-ईस्ट की सड़क कनेक्टिविटी पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सेवोक में मजबूत और ज्यादा क्षमता वाला ब्रिज तैयार करना इस महत्वपूर्ण रूट की सड़क क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

₹61,500 करोड़ के कॉरिडोर से भी जुड़ेगा प्रोजेक्ट

तीस्ता ब्रिज अकेली बड़ी परियोजना नहीं है। इससे पहले गडकरी ने ₹61,500 करोड़ की लागत वाले 630 किलोमीटर लंबे सिलिगुड़ी-गुवाहाटी-शिलॉन्ग हाईवे कॉरिडोर की भी जानकारी दी थी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सिलिगुड़ी को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे भी विकसित किया जा रहा है। असम में फिलहाल करीब 4,700 किलोमीटर में 265 सड़क परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹2 लाख करोड़ है। ऐसे में तीस्ता ब्रिज को नॉर्थ-ईस्ट में चल रहे बड़े सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है।

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