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490, 510 या 520 रुपये का पेट्रोल-डीजल डलवाने से नहीं पड़ता कोई फर्क, पेट्रोल पंप के धोखे से बचना है तो सिर्फ इन 2 चीजों पर दे ध्यान

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 21, 2025 02:39 pm IST,  Updated : Nov 21, 2025 02:59 pm IST

पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी की कहानियां नई नहीं हैं। कई बार लोग मान लेते हैं कि अगर वे 490, 510 या 520 रुपये जैसे फिगर में पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं, तो उनके साथ कोई स्कैम नहीं होगा। पर ऐसा भ्रम में आप न रहें।

पेट्रोल पंप के स्कैम...- India TV Hindi
पेट्रोल पंप के स्कैम से कैसे बचें? Image Source : CANVA

अक्सर लोग सोचते हैं कि ऐसे राउंड फिगर में फ्यूल भरवाने से धोखा होने की संभावना कम रहती है। लेकिन सच यह है कि पेट्रोल पंप पर होने वाले स्कैम का इन फिगर से कोई सीधा लेना-देना नहीं होता। कई पंपों पर मशीनों से लेकर नोजल तक में इस तरह की तकनीकी छेड़छाड़ की जाती है कि ग्राहक को पता भी नहीं चलता और उसके पैसे पूरे कटने के बावजूद फ्यूल कम डाल दिया जाता है। अगर आप भी पेट्रोल-डीजल डलवाते समय 490, 510 या 520 जैसे खास फिगर में फ्यूल भरवाना सुरक्षित मानते हैं, तो यह केवल आपका भ्रम है।

पेट्रोल पंप पर कौन-सी छोटी गलतियां हमें सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं? और उन धोखों से बचने का असली तरीका क्या है? दरअसल, पेट्रोल-डीजल डलवाते समय आपको सिर्फ दो बेहद जरूरी चीजों पर ध्यान देना होता है। इन्हें नजरअंदाज करने पर ही ज्यादातर ग्राहकों के साथ ठगी होती है।

1. मशीन की डेंसिटी जरूर चेक करें

पेट्रोल या डीजल की क्वालिटी सही है या उसमें मिलावट की गई है, इसका पता डेंसिटी से चलता है। हर पेट्रोल पंप पर डेंसिटी मीटर होता है और मशीन पर रीडिंग भी दिखती है। पेट्रोल की डेंसिटी 720 से 775 और डीजल की डेंसिटी 820 से 860 के बीच होती है। अगर डेंसिटी इस रेंज से बाहर दिख रही है, तो समझ लें कि फ्यूल की क्वालिटी ठीक नहीं है या उसमें मिलावट की गई है। ऐसे में फ्यूल न भरवाना ही बेहतर है। कई बार ग्राहक जल्दी में होते हैं और यह डेंसिटी चेक करना भूल जाते हैं और यह गलती स्कैम का सबसे बड़ा कारण बनती है।

2. मशीन की रीडिंग

अधिकतर लोग सिर्फ जीरो देख लेते हैं, लेकिन असली खेल उसके बाद शुरू होता है। जीरो के बाद मीटर की अगली संख्या 5 से कम होनी चाहिए जैसे 2, 3 या 4। अगर मीटर जीरो से सीधे 10, 12 या 15 पर छलांग लगा दे, तो यह साफ संकेत है कि मशीन में छेड़छाड़ की गई है। ऐसी मशीनों से फ्यूल हमेशा कम दिया जाता है।

आप चाहे 110 का फ्यूल भरवाएं या 210 या 310, इन फिगर से कोई फर्क नहीं पड़ता। मशीन अगर छेड़छाड़ वाली है तो किसी भी अमाउंट पर कम फ्यूल मिलेगा।

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