यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के सात जिलों और असम के दो जिलों से गुजरेगी। यह रूट पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व (Northeast) के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। इससे व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नई गति मिलने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय रेलवे को एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हाईटेक ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और लंबी दूरी की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाएगी।
किसी भी इमरजेंसी स्थिति में यात्री सीधे लोको पायलट से बात कर सकेंगे। इसके लिए हर कोच में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट लगाई गई है। साथ ही, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कोचों में CCTV कैमरों से 24x7 निगरानी की जाएगी।
रेलवे ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा है। ट्रेन में उनके लिए अलग से शौचालय बनाए गए हैं और व्हीलचेयर से चढ़ने-उतरने की भी सुविधा दी गई है। कोच के अंदर के रास्ते इतने चौड़े हैं कि व्हीलचेयर बिना किसी परेशानी के पूरे कोच में आसानी से चल सके।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के सहयोग से भारतीय रेलवे की शान वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को कामाख्या से हावड़ा के बीच शुरू किया जा रहा है। इस ट्रेन का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में ही किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी मिसाल है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में चार मिनी पैंट्री होंगी, जो नई और आधुनिक तकनीक से पूरी तरह सुसज्जित हैं।
हर बर्थ के पास पर्सनल USB चार्जिंग पॉइंट और मोबाइल होल्डर दिए गए हैं। रात में पढ़ने के शौकीन लोगों के लिए इंडिविजुअल रीडिंग लाइट्स लगाई गई हैं, ताकि उनकी लाइट से दूसरे यात्रियों की नींद में कोई परेशानी न आए।
रेलवे ने इस ट्रेन में noise reduction तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे पटरी की आवाज और हवा का शोर कोच के अंदर बहुत कम सुनाई देगा। यात्री बिना किसी डिस्टर्बेंस के चैन की नींद सो सकेंगे और सुबह तरोताजा महसूस करेंगे।
सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें भारत में बनी ‘कवच’ सुरक्षा तकनीक लगी है, जो एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने से रोकती है। अगर ड्राइवर से कोई गलती हो जाए, तो यह सिस्टम अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे हादसे टल जाते हैं।
देश की पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 नई अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंड़ी दिखाकर रवाना करेंगे। ये ट्रेनें हैं:

यात्रियों को उनकी यात्रा की दिशा के अनुसार भोजन परोसा जाएगा। गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया व्यंजन और हावड़ा से चलने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली भोजन का स्वाद मिलेगा। यह फूड ऑन बोर्ड सेवा प्रीमियम क्लास के लिए विशेष होगी।
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस खास मौके पर ट्रेन में सवार महिलाएं कार्यक्रम शुरू होने से पहले खुशी-खुशी गीत गाती नजर आईं।
हावड़ा और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान रंगिया, न्यू बोंगईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूचबिहार, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, अलुआबाड़ी रोड, मालदा टाउन, न्यू फरक्का, अजीमगंज, कटवा, नबद्वीप धाम, बंदेल जंक्शन पर रुकेगी।

ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित (AC) कोच होंगे। इनमें 11 कोच 3-टियर AC, 4 कोच 2-टियर AC और 1 कोच फर्स्ट-क्लास AC का होगा। ट्रेन की कुल क्षमता 823 यात्रियों की है, जिससे बड़ी संख्या में लोग सफर कर सकेंगे।
रेलवे ने इसका किराया मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किया है। हावड़ा से गुवाहाटी के लिए 3AC का किराया 2300 रुपये, 2AC का 3000 रुपये और 1AC का 3600 रुपये के आसपास रखा गया है। यह हवाई सफर की तुलना में काफी किफायती और आरामदायक ऑप्शन है।
| स्टेशन | आगमन | प्रस्थान |
| मालदा टाउन | --- | 01:00 PM |
| अलुआबाड़ी रोड जंक्शन | 03:00 PM | 03:05 PM |
| न्यू जलपाईगुड़ी जंक्शन | 03:45 PM | 03:55 PM |
| जलपाईगुड़ी रोड | 04:30 PM | 04:35 PM |
| न्यू कूचबिहार | 05:45 PM | 05:50 PM |
| न्यू अलीपुरद्वार | 06:05 PM | 06:10 PM |
| न्यू बोंगईगांव जंक्शन | 07:40 PM | 07:45 PM |
| रंगिया जंक्शन | 09:10 PM | 09:15 PM |
| कामाख्या जंक्शन | 10:45 PM | --- |
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 1 बजे के करीब इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। फिलहाल, मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर खड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका नो वीआईपी नियम है। ट्रेन में RAC या वेटिंग लिस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। केवल उन्हीं यात्रियों को प्रवेश मिलेगा जिनके पास कंफर्म टिकट होगा। यह यात्रियों को एक प्रीमियम और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए किया गया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, रूट की सुरक्षा और पटरियों की क्षमता के अनुसार इसे 130-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा, जो इसे इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बनाएगा।
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा (कोलकाता) से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच 970 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह पूर्वी भारत की व्यस्त रूट पर चलेगी, जो पश्चिम बंगाल के सात जिलों और असम के दो जिलों से गुजरेगी। ट्रेन नंबर 27575 हावड़ा से कामाख्या और 27576 कामाख्या से हावड़ा तक चलेगी, जो यात्रा समय को 2.5-3 घंटे कम कर देगी।
आज 17 जनवरी, 2026 का दिन भारतीय रेलवे के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन है।
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