प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। पीएम मोदी कल 9.34 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। एक सरकारी बयान के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
पीएम मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे AIF के तहत स्थापित 521 इकाइयां
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत स्थापित 521 इकाइयां राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन इकाइयों का उद्देश्य कृषि भंडारण, प्रसंस्करण और संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। वे उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 12 बागवानी संकुल का उद्घाटन भी करेंगे।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को दिए जा चुके हैं 4.47 लाख करोड़ रुपये
फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में पात्र किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 3 किस्तों में कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं। ये पैसे डीबीटी के माध्यम से आधार से लिंक बैंक खातों में भेजी जाती है।
कृषि अवसंरचना कोष के तहत किया जा चुका है 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश
बयान के अनुसार, कृषि अवसंरचना कोष के तहत 2.28 लाख से ज्यादा परियोजनाओं में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस कोष से गोदामों, शीत भंडारण सुविधाओं, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्रों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलती है। सरकार का कहना है कि इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और उन्हें बेहतर लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।
12 सालों में कृषि क्षेत्र के लिए शुरू की गई प्रमुख कार्यक्रमों का उल्लेख
कृषि मंत्रालय ने बागवानी की ओर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के सरकार की कोशिशों का भी उल्लेख किया। मंत्रालय के अनुसार, बागवानी संकुल विकसित करने से मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी और उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन एवं विपणन को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्रालय ने पिछले 12 सालों में कृषि क्षेत्र के लिए शुरू की गई प्रमुख कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और 'प्रति बूंद अधिक फसल' का जिक्र किया।
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