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RBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर लिया बड़ा एक्शन, बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगा ये असर

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Oct 10, 2023 06:35 pm IST,  Updated : Oct 10, 2023 06:47 pm IST

कोरोना महामारी के बाद बैंकिंग फर्जीवाड़े की घटना में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते आरबीआई बैंकों पर सख्ती बरत रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा पर लिया गया यह एक्शन उसी दिशा में माना जा रहा है। इससे बैंक के ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चत करने में मदद मिलेगी।

RBI took Strict action against BOB- India TV Hindi
बैंक ऑफ बड़ौदा पर आरबीआई की सख्ती Image Source : FILE

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) पर बड़ा एक्शन लिया है। आरबीआई ने बैंक को अपने नए मोबाइल ऐप ‘बॉब वर्ल्ड’ पर नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया है। आरबीआई ने यह कार्रवाई ग्राहकों को एप्लिकेशन पर जोड़ने के तरीके में खामी को देखते हुए किया है। आरबीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, आरबीआई ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की है। इसके तहत बैंक ऑफ बड़ौदा को 'बॉब वर्ल्ड' मोबाइल ऐप पर नए ग्राहकों जोड़ने से तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है। 

बैंक के ग्राहकों पर होगा असर 

आरबीआई की ओर से उठाए गए कदम से बैंक के ग्राहकों पर असर होगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह सही भी है। जिस तरह से फर्जीवाड़ा हो रहे हैं, उसको देखते हुए साइबर सुरक्षा अहम हो जाता है। ऐसे में कोई भी खामी से बाद में परेशानी हो सकती है। अब बॉब वर्ल्ड’ ऐप पर बैंक के ग्राहकों को जोड़ने की कोई भी प्रक्रिया बैंक के पाई गई कमियों को दूर करने और संबंधित प्रक्रियाओं को मजबूत करने के बाद ही शुरू हो पाएगी। आरबीआई से खामी दूर करने के बाद मंजूरी मिलने के बाद फिर जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। आरबीआई ने कहा कि बैंक को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मौजूदा ‘बॉब वर्ल्ड’ ग्राहकों को इस निलंबन के कारण किसी तरह की समस्या नहीं आए। 

अक्टूबर, 2024 से लागू होंगे पीसीए नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि Prompt Corrective Action (पीसीए) के तहत सख्त निगरानी मानदंड अक्टूबर, 2024 से सरकारी स्वामित्व वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर लागू हो जाएंगे। किसी वित्तीय इकाई को पीसीए प्रारूप के तहत रखे जाने पर उसके लाभांश वितरण/ मुनाफे को कहीं भेजने, प्रवर्तकों/ शेयरधारकों को इक्विटी में निवेश या बिक्री करने और समूह कंपनियों की ओर से गारंटी देने या अन्य आकस्मिक देनदारियां लेने पर बंदिशें लग जाती हैं। रिजर्व बैंक ने 14 दिसंबर, 2021 को एनबीएफसी इकाइयों के लिए पीसीए प्रारूप जारी किया था। पहले निजी क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों को ही इसके दायरे में रखा गया था लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी को भी इसके तहत लाने का फैसला किया गया है।

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