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S&P ने भारत की विकास दर के अनुमान में किया उलटफेर, FY2026 के लिए अब ये होगी ग्रोथ रेट

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman Published : Mar 25, 2025 02:37 pm IST, Updated : Mar 25, 2025 02:37 pm IST

एसएंडपी ने कहा कि घरेलू मांग की गति व्यापक रूप से बनी हुई है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र के केंद्रीय बैंक इस साल बेंचमार्क ब्याज दरों में कटौती जारी रखेंगे।

पूर्वानुमान में माना गया है कि आगामी मॉनसून का मौसम सामान्य रहेगा।- India TV Paisa
Photo:FILE पूर्वानुमान में माना गया है कि आगामी मॉनसून का मौसम सामान्य रहेगा।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत के जीडीपी विकास अनुमानों (विकास दर) को घटाकर 6. 5 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले यह अनुमान 6.7 प्रतिशत लगाया था। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स को उम्मीद है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाएं बढ़ते अमेरिकी टैरिफ और वैश्वीकरण पर दबाव महसूस करेंगी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एशिया-प्रशांत (एपीएसी) के लिए अपने आर्थिक दृष्टिकोण में, एसएंडपी ने कहा कि इन बाहरी दबावों के बावजूद, उसे उम्मीद है कि अधिकांश उभरती-बाजार अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू मांग की गति मजबूत बनी रहेगी।

आगामी मॉनसून का मौसम सामान्य रहेगा

खबर के मुताबिक, एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि 31 मार्च, 2026 को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष में भारत का जीडीपी 6.5 प्रतिशत बढ़ेगा। हमारा पूर्वानुमान पिछले वित्तीय वर्ष के परिणाम के समान ही है, लेकिन हमारे पहले के 6. 7 प्रतिशत के पूर्वानुमान से कम है। पूर्वानुमान में माना गया है कि आगामी मॉनसून का मौसम सामान्य रहेगा और कमोडिटी- खासकर कच्चे तेल की कीमतें नरम रहेंगी। एसएंडपी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में कमी, मार्च 2026 को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए देश के बजट में घोषित टैक्स लाभ और कम उधारी लागत भारत में विवेकाधीन खपत को बढ़ावा देगी।

बेंचमार्क ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र के केंद्रीय बैंक इस साल बेंचमार्क ब्याज दरों में कटौती जारी रखेंगे। रेटिंग एजेंसी का यह भी कहना है कि हमारा अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू चक्र में ब्याज दरों में 75 बीपी-100 बीपी की कटौती करेगा। पिछले महीने, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6. 50 प्रतिशत से 6. 25 प्रतिशत कर दिया है। खाद्य मुद्रास्फीति में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से हेडलाइन मुद्रास्फीति मार्च 2026 को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष में केंद्रीय बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब पहुंच जाएगी और राजकोषीय नीति नियंत्रित रहेगी।

अमेरिकी टैरिफ का दबाव महसूस होगा

एसएंडपी ने कहा कि एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाएं विशेष रूप से बढ़ते अमेरिकी टैरिफ और सामान्य रूप से वैश्वीकरण पर दबाव महसूस करेंगी। अब तक नई अमेरिकी सरकार ने चीन से आयात पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत शुल्क लगाया है; कनाडा और मैक्सिको से कुछ आयातों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जबकि अन्य उत्पादों पर शुल्क एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है; और स्टील और एल्युमीनियम पर वैश्विक स्तर पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है। एसएंडपी ने कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक नीति बदल रहा है।

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