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Silver Returns: सितंबर में चांदी ने दिया 19.4 प्रतिशत का छप्परफाड़ रिटर्न, सोने को छोड़ा पीछे

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 04, 2025 06:54 am IST,  Updated : Oct 04, 2025 06:54 am IST

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को चांदी की कीमतें 500 रुपये की गिरावट के साथ 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

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चांदी की कुल मांग में औद्योगिक खपत कितनी Image Source : FREEPIK

Silver Returns: इस साल सितंबर महीने में चांदी ने सोने से भी ज्यादा रिटर्न दिया। चांदी ने सितंबर में 19.4 प्रतिशत की तेजी के साथ सोने को पीछे छोड़ दिया, जबकि इस दौरान पीली धातु की कीमत में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। चांदी की कीमतों में ये वृद्धि मजबूत औद्योगिक मांग और वैश्विक आपूर्ति में कमी के कारण हुई है। चांदी की कीमतें 2 सितंबर को 1,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 24,500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 30 सितंबर को 1,50,500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। ये हाल के सालों में सबसे तेज मासिक बढ़ोतरी में से एक है। 

सितंबर 2025 में सोने से कितना दिया रिटर्न

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को चांदी की कीमतें 500 रुपये की गिरावट के साथ 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इससे पहले मंगलवार को ये 1,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इसके उलट, सितंबर में सोने की कीमतों में 14,330 रुपये प्रति 10 ग्राम या 13.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस महीने की शुरुआत में 1 सितंबर को सोने की कीमत 1,05,670 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 30 सितंबर को 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। 

चांदी की कुल मांग में औद्योगिक खपत कितनी

कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्स ने कहा, ''औद्योगिक धातु और अच्छे निवेश के रूप में चांदी की दोहरी भूमिका ने इस महीने के दौरान सोने के मुकाबले इसकी बढ़त को बढ़ा दिया है।'' उन्होंने कहा कि चांदी अच्छा निवेश होने के साथ ही इसकी औद्योगिक मांग भी है। इसकी कुल मांग में औद्योगिक खपत की हिस्सेदारी 60-70 प्रतिशत तक है। 

लगातार 7 सालों से सप्लाई की कमी से जूझ रहा है बाजार

वेंचुरा में कमोडिटी डेस्क और सीआरएम प्रमुख एन. एस. रामास्वामी ने कहा कि बाजार लगातार 7 सालों से सप्लाई की कमी से जूझ रहा है और अकेले सोलर पैनल में उपयोग के लिए 2024 में 23.2 करोड़ औंस चांदी की जरूरत होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में खासतौर से मांग देखी जा रही है। 

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