भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तेज रफ्तार, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के तहत रेलवे ने सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की है। देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही ये ट्रेनें न सिर्फ अपने लुक और रफ्तार के लिए चर्चा में हैं, बल्कि इनमें मिलने वाली प्रीमियम सुविधाओं के कारण भी यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। लेकिन इन ट्रेनों में सफर करने से पहले एक जरूरी बात जान लेना बेहद जरूरी है कि इनका टिकट कैंसिलेशन सिस्टम आम ट्रेनों से काफी अलग और सख्त है।
रेलवे के नियमों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों में टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर आप ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो टिकट की कुल राशि में से 25 फीसदी रकम कैंसिलेशन चार्ज के रूप में काट ली जाएगी। यानी समय रहते टिकट कैंसिल करने पर भी आपको पूरा पैसा वापस नहीं मिलेगा। वहीं, अगर आपने ट्रेन के चलने से 8 घंटे से 72 घंटे के बीच टिकट कैंसिल किया, तो नुकसान और ज्यादा होगा। इस स्थिति में रेलवे आपकी टिकट राशि का 50 फीसदी काट लेगा। यानी आधा पैसा सीधे चला जाएगा।
सबसे बड़ा झटका
सबसे बड़ा झटका तब लगता है, जब कोई यात्री ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करता है। रेलवे के नियम साफ हैं कि इस समय सीमा के भीतर टिकट कैंसिल करने पर एक भी पैसा रिफंड नहीं मिलेगा। यानी पूरी टिकट राशि जब्त हो जाएगी।
हर यात्री को कन्फर्म बर्थ
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इन ट्रेनों में हर यात्री को कन्फर्म बर्थ की गारंटी दी जाती है। यही वजह है कि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों के कैंसिलेशन नियम अन्य मेल-एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में ज्यादा सख्त रखे गए हैं। रेलवे नहीं चाहता कि आखिरी समय में टिकट कैंसिल होने से सीटें खाली जाएं।अमृत भारत एक्सप्रेस के आरक्षित टिकटों पर भी वही नियम लागू होते हैं, जो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए तय किए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अमृत भारत के अनारक्षित टिकटों पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे और यात्रियों को पहले की तरह रिफंड की सुविधा मिलती रहेगी।



































