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Big News: दूरसंचार विभाग ने दी देश में 5G परीक्षण को मंजूरी, चीन की टेक्‍नोलॉजी का नहीं होगा इस्‍तेमाल

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : May 05, 2021 12:35 pm IST,  Updated : May 05, 2021 12:35 pm IST

दूरसंचार विभाग ने 5जी तकनीक के उपयोग के परीक्षण के लिए दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को अनुमति दे दी है।

Modi Government give permission for 5G trials- India TV Hindi
Modi Government give permission for 5G trials Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। दूरसंचार विभाग ने मंगलवार को 5जी परीक्षण के लिए दूरसंचार कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दे दी। हालांकि, इसमें कोई भी कंपनी चीनी कंपनी की टेक्‍नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। दूरसंचार विभाग ने रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel), वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) और एमटीएनएल (MTNL) के आवेदनों को 5जी परीक्षण के लिए मंजूरी दी है। इनमें से कोई भी कंपनी चीनी कंपनियों की तकनीक का उपयोग नहीं करेंगी।

दूरसंचार विभाग की तरफ से जारी बयान में 5जी परीक्षण के लिए स्वीकृत दूरसंचार गीयर विनिर्माताओं की सूची में एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग, सी-डॉट और रिलायंस जियो की स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इसका मतलब है कि चीनी कंपनियां 5जी परीक्षणों का हिस्सा नहीं होंगी। विभाग ने एक बयान में कहा कि दूरसंचार विभाग ने 5जी तकनीक के उपयोग के परीक्षण के लिए दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को अनुमति दे दी है। इसमें भारती एयरटेल, रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया इंडिया लिमिटेड और एमटीएनएल शामिल हैं।

इससे पहले भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने चीन की हुवावे कंपनी की तकनीक का उपयोग कर परीक्षण करने का प्रस्ताव पेश किया था। बाद में उन्होंने हालांकि अपने आवेदन में कहा कि 5जी परिक्षण में वह चीन की किसी कंपनी की तकनीक की उपयोग नहीं करेगी। विभाग ने कहा कि इन दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों ने एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और सी-डॉट जैसे मूल उपकरण विनिर्माताओं और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ करार किया है। जबकि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड अपनी खुद की 5जी तकनीक का उपयोग करके यह परीक्षण करेगी।

दूरसंचार विभाग का यह कदम इस ओर इशारा करता है कि केंद्र सरकार चीनी कंपनियों को देश में होने वाले 5जी परीक्षण में भाग लेने से रोक सकती है। बयान में बताया कि टेलीकॉम कंपनियों को विभिन्न बैंड में प्रयोगात्मक स्पेक्ट्रम का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इसमें मिड-बैंड 3.2 गीगाहर्ट्ज से 3.67 गीगाहर्ट्ज़, मिलीमीटर वेव बैंड 24.25 गीगाहर्ट्ज़ से 28.5 गीगाहर्ट्ज़ और उप-गीगाहर्ट्ज़ बैंड 700 गीगाहर्ट्ज़ तक शामिल हैं। विभाग ने कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों को 5जी परीक्षणों के संचालन के लिए अपने मौजूदा 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का उपयोग करने की भी अनुमति दी जाएगी।

वर्तमान में परीक्षणों की अवधि छह महीने की है। इसमें उपकरण की खरीद और स्थापना के लिए 2 महीने की समयावधि शामिल है। इसके अलावा अनुमति पत्र में यह स्पष्ट कहा गया है कि दूरसंचार कंपनियों को 5जी परिक्षण शहरी क्षेत्रों समेत ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी करना होगा ताकि 5जी तकनीक का लाभ केवल शहरों में ही नहीं बल्कि देशभर में उठाया जा सके।

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