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पावर ग्रिड का मुनाफा 22 फीसदी बढ़कर 1916 करोड़ रुपए, आय में 17 फीसदी की बढ़ोतरी

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : May 30, 2017 01:14 pm IST,  Updated : May 30, 2017 02:32 pm IST

भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय के अधीन नवरत्न कंपनी पावर ग्रिड का चौथी तिमाही में मुनाफा 22 फीसदी बढ़कर 1916.36 करोड़ रुपए हो गया है।

पावर ग्रिड का मुनाफा 22 फीसदी बढ़कर 1916 करोड़ रुपए, आय में 17 फीसदी की बढ़ोतरी- India TV Hindi
पावर ग्रिड का मुनाफा 22 फीसदी बढ़कर 1916 करोड़ रुपए, आय में 17 फीसदी की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय के अधीन नवरत्न कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (पावर ग्रिड) का  वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में पावर ग्रिड का मुनाफा 22 फीसदी बढ़कर 1916.36 करोड़ रुपए हो गया है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में पावर ग्रिड का मुनाफा 1568.58 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, इस दौरान कंपनी की आय आय 16.9 फीसदी बढ़कर 6712 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए पहले दिए जा चुके 10 प्रतिशत अंतरिम लाभांश के साथ ही 33.5 प्रतिशत अतिरिक्त लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है। यह भी पढ़े: Reliance Jio 500 रुपए में देगी 100 GB डेटा, अक्टूबर में शुरू हो सकती है ब्रॉडबैंड सर्विस

अप्रैल 2017 के अंत तक पॉवरग्रिड करीब 139, 700 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाईन्स के साथ 220 सब-स्टेशन के जरिए 292, 500 मैगावाट की ट्रांसमिशन क्षमता को संचालित कर रहा है। रख-रखाव की आधुनिकत्म तकनीकों को प्रयोग करते हुए ट्रांसमिशन प्रणाली की औसतन उपलब्धता वर्ष 2016-17 के दौरान 99.79 प्रतिशत रही।

वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान पॉवरग्रिड ने अनेक महत्वपूर्ण अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसमिशन लाईन्स पूरी की जिसमें 800  केवी एचवीडीसी चम्पा-कुरूक्षेत्र लाईन, अंगुल-स्रीककुलम लाईन और वर्धा-निज़ामाबाद लाईन शामिल हैं। कंपनी ने टीबीसीबी के अधीन में दो प्रोजेक्ट संपूर्ण किए।यह भी पढ़े:Air India-Indian Airlines के सौदों की होगी CBI जांच, UPA के फैसलों से हुआ हजारों करोड़ रुपए का नुकसान

इस अवधि के दौरान कंपनी का पूंजी खर्च 24, 429 करोड़ रुपए रहा जो कि साल में सबसे ज्यादा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के समापन के साथ बारहवीं पंच वर्षीय योजना (2012-17) भी पूरी हो गई और इस अवधि के दौरान पॉवरग्रिड ने सबसे ज़्यादा 1,12, 664 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश किया जो कि 1,10,000 करोड़ रुपए से कहीं ज्यादा है (योजना की शुरूआत में इस लक्ष्य की 1,00, 000 करोड़ की संभावना व्यक्त की गई थी)।

बारहवीं योजना के दौरान पॉवरग्रिड ने तकनीक अपनाने, परिनियोजन और नवीनीकरण के मामले में कई नए मील पत्थर स्थापित किए। कंपनी ने 800 केवी एचवीडीसी को बिस्वनाथ-चरियाली (एनईआर)-आगरा के रूप में दुनिया के सबसे लम्बे मल्टी-टर्मिनल की स्थापना की और हैलीकॉप्टर और ड्रोन के ज़रिए ओ एंड एम ट्रांसमिशन लाईन्स की निगरानी जैसी आधुनिक्तम तकनीक का परियोजन किया। विलक्षण सार्वजनिक-निजी सांझेदारी के ज़रिए 1200 केवी यूएचवी एसी के सफ़ल परीक्षण के साथ पॉवरग्रिड ने दुनिया को नए वोल्टेज लेवल से परिचित करवाया। यह भी पढ़े: मारुति डिजायर को मिली 44000 से ज्‍यादा बुकिंग, डिलिवरी के लिए 10 हफ्ते करना होगा इंतजार

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