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मोदी सरकार की तीसरी सालगिरह पर बाजार ने मनाया जश्न, इन कारणों से सेंसेक्स-निफ्टी ऐतिहासिक स्तर पर बंद

Ankit Tyagi Published : May 26, 2017 03:38 pm IST, Updated : May 26, 2017 03:52 pm IST

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर घरेलू शेयर बाजार ने जोरदार जश्न मनाया। दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स पहली बार 31 हजार के और निफ्टी 9550 के ऊपर बंद हुआ।

इन कारणों से शेयर बाजार में आई तेजी

मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद 

भारतीय मौसम विभाग के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने माना है कि अलनीनो की स्थितियां कमजोर पड़ रही हैं। अलनीनो पर प्रामाणिक माने जाने वाले ऑस्ट्रेलिाई मौसम विभाग ने कहा है कि इसके इस साल 50 फीसदी आसार हैं, लेकिन उसके ज्यादातर मॉडल यही संकेत दे रहे हैं कि यह इस बार कमजोर रहेगा।लिहाजा निवेशक अच्छे मानसून की उम्मीद में खरीदारी कर रहे है। यह भी पढ़े: #Monsoon2017: अटकने के बाद आगे बढ़ा मानसून, 30 मई को केरल में देगा दस्तक

जून में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका हुई कम

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से जारी मिनिट्स के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि कमजोर आर्थिक आंकड़ों के चलते जून में अमेरिका सेंट्रल बैंक ब्याज दरें नहीं बढ़ाने का फैसला ले सकता है। इसीलिए दुनियाभर के शेयरों बाजारों में जोरदार तेजी है। इन्हीं संकेतों का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिल रहा है। यह भी पढ़े: अमेरिका-चीन को पीछे छोड़ भारत दूसरे साल नंबर-1, मिला सबसे ज्यादा 6231 करोड़ डॉलर का विदेशी निवेश

अनुमान के मुताबिक रहे कंपनियों के तिमाही नतीजे

निफ्टी की ज्यादातर कंपनियां मार्च तिमाही के नतीजे पेश कर चुकी हैं और अब तक आए नतीजे बाजार के अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च तिमाहीमें आईटी सेक्टर ने जहां निराश किया है। लेकिन बैंकों में काफी सुधार दिखा है। इसीलिए आने वाली तिमाही में कंपनियों की ग्रोथ और बेहतर होने की उम्मीद है। यह भी पढ़े: इन कंपनियों के मालिकों ने 1.8 लाख करोड़ रुपए के शेयर रखें गिरवी, निवेशक रहें सावधान

क्रूड कीमतों में गिरावट

क्रूड उत्पादन और एक्सपोर्ट करने वाले संगठन OPEC के उठाए कदमों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। क्रूड में गिरावट से भारत को बड़ा फायदा मिलता है, क्योंकि कुल जुरुरत का 80 फीसदी भारत इंपोर्ट करता है। क्रूड में गिरावट से देश के इंपोर्ट बिल में कमी आती है। इससे देश में महंगाई घटती है। यह भी पढ़े: सरकार 6,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए IOC में बेचेगी 3% हिस्‍सेदारी, शेयर बिक्री के लिए पांच बैंकों का किया चयन

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