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शेयर मार्केट में जलजला, सेंसेक्स 961 अंक टूटकर बंद, निफ्टी धराशाई, निवेशकों के कई लाख करोड़ डूबे

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 27, 2026 03:52 pm IST,  Updated : Feb 27, 2026 04:36 pm IST

अमेरिकी आंकड़े और भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में भारी उठा-पटक देखने को मिल रहा है। निवेशकों को इससे बड़ा झटका लगा है और लाखों करोड़ रुपये का झटका लगा है।

IT स्टॉक्स, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली दिक्कतों की चिंताओं के बीच फरवरी में अब तक लगभग 2- India TV Hindi
IT स्टॉक्स, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली दिक्कतों की चिंताओं के बीच फरवरी में अब तक लगभग 20 परसेंट गिर चुके हैं। Image Source : PTI

शुक्रवार को ताजा विदेशी फंडों की निकासी और वैश्विक स्तर पर कमजोर रुझानों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका–ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति नहीं होने से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बीएसई सेंसेक्स आखिर में 961.42 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 81,287.19 के लेवल पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी भी 317.90 अंक की गिरावट के साथ 25,178.65 के लेवल पर टिका। बाजार में इस गिरावट के  पीछे अमेरिकी टेक में बिकवाली और कमजोर एशियाई संकेतों मुख्यतौर पर उभरे। 

टॉप गेनर टॉप लूजर

सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। वहीं एचसीएल टेक, ट्रेंट, इंफोसिस और इटरनल के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

27 फरवरी को बीएसई सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन।
Image Source : BSE27 फरवरी को बीएसई सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच भारतीय बाजारों में दबाव बना रहा और निवेशकों का रुख सतर्क होता जा रहा है। अमेरिका–ईरान वार्ता में ठोस प्रगति न होने से मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है, जबकि एआई से जुड़ी अनिश्चितता भी सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा रही है। घरेलू स्तर पर भी जोखिम से बचने का ट्रेंड हावी है, क्योंकि आय सत्र समाप्ति की ओर है और वैश्विक मैक्रो कारक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

लिवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिका–ईरान वार्ता के निष्कर्षहीन रहने से बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। हालिया तेजी के बाद ऑटो, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में मुनाफावसूली देखी गई। घरेलू स्तर पर नए ट्रिगर के अभाव में कारोबार के अंतिम घंटे में गिरावट और तेज हो गई।

रुपया 8 पैसे टूटकर बंद

रुपया US डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.99 पर बंद हुआ। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी से शुक्रवार को US डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे गिरकर 90.99 (प्रोविजनल) पर बंद हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, FII के निकलने और घरेलू इक्विटी मार्केट में गिरावट से लोकल यूनिट पर और दबाव पड़ा। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में, रुपया 90.91 पर खुला और 90.91-91.06 के छोटे दायरे में घूमने के बाद 90.99 (प्रोविजनल) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 8 पैसे कम है। गुरुवार को रुपया US डॉलर के मुकाबले 90.91 पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

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