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सेंसेक्स 16 अंक गिरकर 28507 के स्तर पर बंद, अब फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकीं नजरें

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Sep 21, 2016 04:05 pm IST,  Updated : Sep 21, 2016 05:01 pm IST

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 16 अंक की गिरावट के साथ 28507.5 के स्तर पर और निफ्टी 1 अंक बढ़कर 8777 के स्तर पर सपाट होकर बंद हुआ है।

नई दिल्ली। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले से पहले घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 16 अंक की गिरावट के साथ 28507.5 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 1 अंक बढ़कर 8777 के स्तर पर सपाट होकर बंद हुआ है।

ऐसा रहा दिन भर बाजार में कारोबार

  • बाजार की शुरुआत बुधवार को तेजी के साथ हुई थी।
  • हालांकि दोपहर के कारोबारी सत्र के दौरान सारी तेजी मानो हवा हो गई।
  • दिन के ऊपरी स्तर से सेंसेक्स 225 अंकों तक लुढ़का गया।
  • वहीं, निफ्टी में ऊपरी स्तरों से 70 अंक की गिरावट देखने को मिली।
  • दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 28689 का ऊपरी स्तर छुआ था।
  • निफ्टी 8826.85 तक पहुंचा था।

मिडकैप शेयरों में रही बिकवाली

  • मिडकैप शेयरों में थोड़ी बिकवाली दिखी है, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली खरीदारी का माहौल रहा।
  • बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.1 फीसदी तक गिरकर 13110 के आसपास बंद हुआ है।
  • बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 12820 के ऊपर पहुंचकर बंद हुआ है।
  • पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स, फार्मा और पावर शेयरों में आज बिकवाली हावी रही।
  • बैंक निफ्टी 0.1 फीसदी गिरकर 19830 के आसपास बंद हुआ है। जबकि आज यह इंडेक्स 19940 के करीब तक पहुंचा था।
  • निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ है, जबकि एफएमसीजी इंडेक्स में 0.6 फीसदी और फार्मा इंडेक्स में 0.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
  • मेटल, आईटी और ऑटो शेयरों में आज अच्छी खरीदारी देखने को मिली है।

मार्केट में अब आगे क्या

मायस्टॉकरिसर्च के हेड लोकेश उप्पल मुताबिक यूएस में दरों में बढ़ोतरी एक अच्छा ही संकेत है।  दरअसल यूएस की इकोनॉमी में ग्रोथ पूरी दुनियाभर के लिए एक बेहतर संकेत है। इस बार शायद फेडरल रिजर्व की ओर से दरों में बढ़ोतरी नहीं की जाए, लेकिन अगली पॉलिसी में दरों में बढ़ोतरी मुमकिन लग रही है। अगर इस बार अमेरिका में दरों में बढ़ोतरी होती है तो बाजारों पर इसका थोड़ा बहुत असर दिख सकता है।हालांकि अमेरिका में दरों में बढ़ोतरी का बाजार पर बहुत ज्यादा असर नहीं होगा।

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