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BSE का एक नोटिस और इस IPO का GMP 135% से 0 हुआ, 345 गुना मिला था सब्सक्रिप्शन

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Sep 17, 2024 04:38 pm IST,  Updated : Sep 17, 2024 04:38 pm IST

रतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अगस्त में निवेशकों को एसएमई के अवास्तविक व्यापार अनुमानों को लेकर आगाह किया था।

IPO- India TV Hindi
आईपीओ Image Source : FILE

SME IPO ट्रैफिकसोल पर बीएसई ने रोक लगा दी है। आपको बता दें कि बीएसई ने मंगलवार को लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र की कंपनी ट्रैफिकसोल आईटीएस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को सूचीबद्ध करना टाल दिया। इस कंपनी के शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को 345 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। हालांकि, शेयर बाजार को इसके बारे में कुछ सवाल मिलने के बाद इसे सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया टाल दी गई। हाल के दिनों में यह पहला उदाहरण है जब किसी शेयर बाजार ने आईपीओ के सफलता पूर्वक पूरा होने के बाद एसएमई कंपनी को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया टाल दी है। बीएसई द्वारा आईपीओ को रोक लगाने से झटके में GMP 135% से गिकर 0 हो गया है। 

हाल ही में 8 कर्मचारियों वाली दिल्ली की कंपनी Resourceful Automobile के IPO को इतना सब्सक्रिप्शन मिल था कि मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर इसकी जमकर चर्चाएं हुई। दिल्ली की रिसोर्सफुल ऑटोमोबाइल, राजधानी में यामाहा के दो शोरूम ऑपरेट करती है। कंपनी के 11.99 करोड़ रुपये की ऑफरिंग के लिए करीब 4700 करोड़ रुपये की बोली मिली थी। इसके बाद एसएमई आईपीओ को लेकर सख्ती की बात सामने आई थी। बीएसई का कदम उसी दिशा में देखा जा रहा है।   

BSE पर आज होना था लिस्ट 

बाजार नियामक सेबी के कई छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) के अवास्तविक व्यावसायिक अनुमानों पर सचेत करने के बीच यह फैसला आया है। ट्रैफिकसोल आईटीएस टेक्नोलॉजीज के शेयर को बीएसई एसएमई मंच पर मंगलवार को सूचीबद्ध किया जाना था। हालांकि, शेयर बाजार ने सावधानी बरतते हुए कहा कि सभी प्रश्नों का संतोषजनक ढंग से समाधान होने तक यह प्रक्रिया टाल दी है। बीएसई ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बारे में जानकारी भी दी है। 

सेबी ने जारी की थी चेतावनी 

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अगस्त में निवेशकों को एसएमई के अवास्तविक व्यापार अनुमानों को लेकर आगाह किया था। इसके अलावा, सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्वनी भाटिया ने पिछले महीने कहा था कि पूंजी बाजार नियामक एसएमई आईपीओ को नियंत्रित करने वाले मानदंडों को कड़ा करेगा। भाटिया ने कहा था कि बदलावों में ऑडिटर के मोर्चे पर बेहतर निगरानी और कड़ी जांच शामिल हो सकती है। अगर चार्टर्ड अकाउंटेंट अपना काम सही से करें, तो हम समस्याओं से बच सकते हैं। 

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