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AI के बढ़ते प्रभाव के बीच कैसा रहा IT कंपनियों का प्रदर्शन, भविष्य को लेकर क्या है सेक्टर की राय

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 26, 2026 10:55 pm IST,  Updated : Apr 26, 2026 10:55 pm IST

टीसीएस और इन्फोसिस का मानना है कि मुश्किल दौर अब कम हो रहा है। वहीं, एचसीएल टेक और विप्रो ने आगे भी अनिश्चितता और कमजोर मांग की आशंका जताई है।

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वित्त वर्ष 2025-26 में घटा एचसीएल का मुनाफा Image Source : FREEPIK

भारत के IT सेक्टर की टॉप-5 कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा ने एक महत्वपूर्ण मोड़ पर वित्त वर्ष 2025-26 का समापन किया है। ये कंपनियां वैश्विक आर्थिक दबाव, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। आईटी सेक्टर तेजी से पारंपरिक कार्य-प्रणाली से आगे बढ़ रहा है। एआई के कारण पुरानी आईटी सेवाओं से होने वाली आय पर दबाव पड़ रहा है, लेकिन इसकी भरपाई नई एआई-आधारित सेवाओं के बढ़ते मौकों से हो रही है। अब कंपनियां बड़ी परियोजनाओं के बजाय परिणाम-आधारित और छोटे-छोटे हिस्सों में बंटे अनुबंधों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। ये बदलाव कंपनियों के भविष्य के अनुमान और कर्मचारियों से जुड़े रुझानों में भी साफ दिख रहा है।

मुश्किल दौर अब कम हो रहा है 

टीसीएस और इन्फोसिस का मानना है कि मुश्किल दौर अब कम हो रहा है। वहीं, एचसीएल टेक और विप्रो ने आगे भी अनिश्चितता और कमजोर मांग की आशंका जताई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले कुछ सालों में एआई के कारण पारंपरिक आईटी सेवाओं की आय हर साल 2-3 प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि, 2030 तक एआई से जुड़ी सेवाओं का बाजार 300-400 अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावना है। 

टीसीएस के मुनाफे में बढ़ोतरी

टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में 12.22 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस दौरान कंपनी की परिचालन आय 9.64 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का मुनाफा 49,210 करोड़ रुपये और आय 2.67 लाख करोड़ रुपये रही। कंपनी का कहना है कि वो नए वित्त वर्ष में सकारात्मक स्थिति के साथ प्रवेश कर रही है और हाल की अधिकांश चुनौतियां अब पीछे छूट चुकी हैं। एआई सेवाओं से उसकी सालाना आय 2.3 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है, जो कुल आय का 6 प्रतिशत से ज्यादा है। 

इन्फोसिस का शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत बढ़ा

इन्फोसिस का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,501 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 13.4 प्रतिशत बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 29,440 करोड़ रुपये और आय 9.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,78,650 करोड़ रुपये रही। कंपनी प्रबंधन ने माना कि एआई पारंपरिक सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, लेकिन नई एआई सेवाओं की मांग से इसकी भरपाई हो रही है। 

वित्त वर्ष 2025-26 में घटा एचसीएल का मुनाफा

एचसीएल टेक का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 4.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,488 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 4.30 प्रतिशत घटकर 16,642 करोड़ रुपये रह गया, जबकि आय 11.18 प्रतिशत बढ़कर 1,30,144 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने मांग के माहौल को अस्थिर बताया और कहा कि शुल्कों और कम होते खर्च के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

चौथी तिमाही में कैसा रहा विप्रो का प्रदर्शन

विप्रो का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 1.89 प्रतिशत घटकर 3,501.8 करोड़ रुपये रह गया, जबकि आय 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का लाभ 0.47 प्रतिशत बढ़कर 13,197.4 करोड़ रुपये और आय 92,624 करोड़ रुपये रह गई। कंपनी ने वर्तमान आर्थिक स्थिति को एक नई सामान्य स्थिति बताया है, जो वैश्विक और नीतिगत बदलावों से प्रभावित है। 

टेक महिंद्रा के शुद्ध लाभ में तेज बढ़ोतरी

टेक महिंद्रा का समीक्षाधीन तिमाही में शुद्ध लाभ 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,353.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 12.6 प्रतिशत बढ़कर 15,076.1 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का लाभ 13.15 प्रतिशत बढ़कर 4,810.9 करोड़ रुपये और आय 7.2 प्रतिशत बढ़कर 56,815.4 करोड़ रुपये रही। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने इस आशंका को खारिज किया कि एआई के तेज इस्तेमाल से राजस्व में गिरावट आ रही है। उनका कहना है कि वे एआई को मध्यम और दीर्घकाल में ग्राहकों के कामकाज को आधुनिक बनाने और नए अवसर पैदा करने वाले एक बड़े साधन के रूप में देखते हैं। 

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