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बैंक हड़ताल से पहले सरकार की कर्मचारियों से बड़ी अपील, 5-डे वर्किंग पर क्या हुआ फैसला?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 21, 2026 10:19 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 10:19 pm IST

28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को लेकर सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों से हड़ताल से बचने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि बचे हुए मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए।

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बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की दी धमकी Image Source : PTI

सितंबर के आखिरी दिनों में बैंकिंग सेवाओं को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिन की बैंक हड़ताल को लेकर सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों और रीजनल ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और बाकी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है। सरकार ने खास तौर पर 30 सितंबर की हाफ-ईयरली क्लोजिंग का हवाला देते हुए कहा है कि इस दौरान हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में 5-डे बैंकिंग यानी हफ्ते में पांच दिन काम करना शामिल है। सरकार ने कहा है कि यह मांग अभी विचाराधीन है और इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और अन्य कर्मचारी संगठनों ने इसी मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। इसके अलावा कर्मचारियों की दूसरी बड़ी मांग परफॉर्मेंस के आधार पर मिलने वाली इंसेंटिव (PLI) योजना को बंद करना थी।

PLI पर सरकार ने लिया फैसला

सरकार के मुताबिक, यूनियनों के साथ बातचीत के बाद PLI योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया जा चुका है। यानी कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगों में से एक पर सरकार ने कदम उठाया है। हालांकि, पांच दिन की बैंकिंग सिस्टम की मांग पर अभी बातचीत और विचार जारी है। बता दें कि कर्मचारी संगठनों ने पहले 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल की थी। इसके बाद अब 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल प्रस्तावित है। इसके अलावा 5-डे वर्किंग की मांग पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार ने कर्मचारियों से 28-30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल से दूर रहने की अपील की है।

30 सितंबर को हाफ-ईयरली क्लोजिंग

सरकार की चिंता की बड़ी वजह 30 सितंबर की हाफ-ईयरली क्लोजिंग है। इस समय बैंकों में खातों के मिलान, प्रावधान, ट्रेजरी और बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। ऐसे में तीन दिन की हड़ताल का असर बैंकिंग सर्विस पर पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि हड़ताल से पहले का सप्ताहांत जोड़ दिया जाए तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावी रूप से पांच दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर ग्राहकों, कारोबारियों, सरकारी लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है।

सरकार ने कर्मचारियों के लिए गिनाए कई कदम

सरकार ने बैंक कर्मचारियों के लिए उठाए गए कई कदमों का भी जिक्र किया। उसके अनुसार वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच पब्लिक सेक्टर के बैंकों में करीब 4.82 लाख कर्मचारियों की भर्ती हुई। पिछले तीन वर्षों में भर्ती की रफ्तार भी बढ़ी है। सरकार ने वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी, प्रमोशन और ट्रांसफर प्रक्रिया में सुधार, महिलाओं के लिए विशेष अवकाश, पारिवारिक पेंशन में संशोधन और रिटायर्ड कर्मचारियों के मेडिकल इंश्योरेंस जैसे कदमों का भी उल्लेख किया है।

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