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1 अक्टूबर से बदलने जा रहा FD की ब्याज दरों का गणित, निवेश करने से पहले जान लें नया नियम

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 21, 2026 08:45 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 08:48 pm IST

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जुड़ा 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए नियम आपके लिए जानना जरूरी है। RBI ने FD की ब्याज दरों को लेकर बैंकों के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है।

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1 अक्टूबर से बदलने जा रहे हैं FD से जुड़े नियम Image Source : CANVA

अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाते हैं तो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए नियम आपके लिए काफी अहम हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने FD की ब्याज दरों को लेकर बैंकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनका मकसद ग्राहकों को अलग-अलग शाखाओं में मिलने वाली दरों को लेकर भ्रम से बचाना और बैंकिंग व्यवस्था में ज्यादा पारदर्शिता लाना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर से FD की ब्याज दरें सीधे बढ़ या घट जाएंगी।

नए नियम के तहत अगर किसी बैंक में एक ही दिन, समान राशि और समान अवधि की FD कराई जाती है, तो बैंक की अलग-अलग शाखाएं अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगी। यानी अगर कोई ग्राहक एक ही बैंक की दो अलग-अलग शाखाओं में समान राशि और समान अवधि की FD कराता है, तो दोनों जगह लागू ब्याज दर एक जैसी होनी चाहिए। इससे ग्राहकों को शाखा या बातचीत के आधार पर अलग-अलग रेट मिलने की संभावना कम होगी।

वेबसाइट पर पहले से बतानी होगी ब्याज दर

RBI के नए नियमों में बैंकों के लिए ब्याज दरों की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से उपलब्ध कराना जरूरी किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि ग्राहक FD कराने से पहले ऑनलाइन ही लागू ब्याज दर की जानकारी ले सकेंगे। अब केवल बैंक शाखा में जाकर रेट पूछने या किसी कर्मचारी से मिली जानकारी पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी। वेबसाइट पर उपलब्ध दर ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ होगी।

3 करोड़ रुपये से ज्यादा की FD पर नया नियम

3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे बड़े डिपॉजिट के लिए बैंकों को रोजाना सुबह 10 बजे तक अपनी लागू ब्याज दरें वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होंगी। इसके लिए 10 मिनट का ग्रेस पीरियड यानी 10:10 बजे तक का समय दिया गया है। हालांकि, बैंक लिक्विडिटी रिस्क के आधार पर अलग-अलग बल्क डिपॉजिट के लिए अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं।

पुरानी FD पर क्या होगा असर?

अगर आपने 1 अक्टूबर 2026 से पहले FD करा रखी है, तो नए नियम से उसकी तय ब्याज दर बदल नहीं जाएगी। FD की मैच्योरिटी तक उस पर पहले से तय शर्तों के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा। साथ ही, नए नियम का मतलब यह भी नहीं है कि 1 अक्टूबर से सभी FD की ब्याज दरें बढ़ जाएंगी या घट जाएंगी। बैंक अपनी फंड लागत और बाजार की परिस्थितियों के आधार पर ब्याज दर तय करेंगे।

किन बैंकों पर लागू होगा नियम?

ये दिशानिर्देश कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, रीजनल ग्रामीण बैंक (RRB), लोकल एरिया बैंक, पेमेंट्स बैंक और अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक समेत संबंधित बैंकों पर लागू होंगे। इसलिए FD कराने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू ब्याज दर, अवधि और अन्य शर्तें जरूर जांच लें।

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