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एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बदलेगा हाई-स्पीड नेशनल हाईवे का डिजाइन, NHAI ने तय किए नए सुरक्षा नियम; जानिए क्या-क्या होगा खास

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 21, 2026 07:48 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 07:48 pm IST

हाई-स्पीड नेशनल हाईवे पर सफर को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए अब इनके डिजाइन और निर्माण के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के डिजाइन और विकास के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।

NHAI ने नेशनल हाईवे के...- India TV Hindi
NHAI ने नेशनल हाईवे के लिए नई गाइडलाइंस जारी की Image Source : CANVA

देश में हाई-स्पीड सड़कों का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के डिजाइन और निर्माण को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग के डिजाइन और विकास के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसका मकसद सड़कों के डिजाइन में एकरूपता लाने के साथ-साथ सुरक्षा बढ़ाना और ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर बनाना है।

नई गाइडलाइन आने वाले 4 और 6 लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफ्रील्ड हाई-स्पीड नेशनल हाईवे पर लागू होगी। NHAI के मुताबिक, इन सड़कों की लेन और चौड़ाई का फैसला अब वहां के ट्रैफिक के आकलन के आधार पर किया जाएगा।

ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी लेन और सड़क की चौड़ाई

NHAI ने हाई-स्पीड नेशनल हाईवे के लिए एक समान डिजाइन फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसके तहत 15 हजार वाहनों तक के ट्रैफिक वाले कॉरिडोर में 4 लेन का हाईवे और 4 लेन के स्ट्रक्चर का प्रावधान होगा। ऐसे कॉरिडोर की चौड़ाई 60 मीटर रखी जाएगी। वहीं, 15 हजार से 25 हजार वाहनों वाले कॉरिडोर में 4 लेन हाईवे के साथ 6 लेन स्ट्रक्चर होगा और इसकी चौड़ाई 70 मीटर होगी। जबकि 25 हजार से 40 हजार वाहनों वाले कॉरिडोर में 6 लेन हाईवे और 6 लेन स्ट्रक्चर का प्रावधान होगा। इसकी चौड़ाई भी 70 मीटर रखी जाएगी।

एंट्री और एग्जिट की पहले मिलेगी जानकारी

नई गाइडलाइन में सड़क सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया है। हाई-स्पीड ट्रैफिक को देखते हुए हाईवे पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट की जानकारी वाहन चालकों को पहले से देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे ड्राइवर समय रहते अपनी लेन और दिशा बदल सकेंगे और अचानक ब्रेक लगाने या लेन बदलने की स्थिति कम होगी।

प्रमुख सड़कों पर बनेंगे इंटरचेंज

एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और ज्यादा ट्रैफिक वाली महत्वपूर्ण सड़कों के क्रॉसिंग पर रैंप वाले इंटरचेंज बनाए जाएंगे। इसके अलावा बंदरगाह, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), औद्योगिक क्षेत्रों और बड़े पर्यटन स्थलों जैसे प्रमुख ट्रैफिक जनरेट करने वाले स्थानों से जुड़ने वाली सड़कों पर भी इंटरचेंज की व्यवस्था की जाएगी।

अवैध एंट्री और आवारा पशुओं पर भी रोक

हाई-स्पीड कॉरिडोर पर अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए बाहरी किनारे पर 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों द्वारा अवैध रास्ते से हाईवे में प्रवेश करने और आवारा मवेशियों के सड़क पर आने जैसी घटनाओं को रोकना है।

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