IRFC यानी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) में उनका नेट प्रॉफिट 11 प्रतिशत बढ़कर 1746 करोड़ रुपये रहा। रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाली इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) ने एक साल पहले इसी अवधि में 1577 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। आईआरएफसी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में उसकी कुल इनकम 2.2 प्रतिशत बढ़कर 6,918 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 6766 करोड़ रुपये थी।
पहली तिमाही में सरकारी कंपनी के खर्च में आई कमी
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कुल खर्च मामूली रूप से घटकर 5173 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5189 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़कर 1.53 प्रतिशत हो गया, जो पिछले 3 साल का सबसे बेहतर स्तर है। आईआरएफसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा, ‘‘इस तिमाही में हमारा प्रदर्शन आईआरएफसी की वित्तीय रणनीति की मजबूती और भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।’’
मंगलवार को आईआरएफसी के शेयरों में दर्ज की गई बड़ी गिरावट
मंगलवार को आईआरएफसी के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आज बीएसई पर इस सरकारी कंपनी के शेयर 3.60 रुपये (2.68%) की बड़ी गिरावट के साथ 130.80 रुपये के भाव पर बंद हुए। आईआरएफसी के शेयर अपने 52 वीक हाई से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के शेयरों का 52 वीक हाई 209.10 रुपये है और इसका 52 वीक लो 108.05 रुपये है। बीएसई के डेटा के मुताबिक, आईआरएफसी का मौजूदा मार्केट कैप 1,70,936.06 करोड़ रुपये है। बताते चलें कि कंपनी ने आज बाजार बंद होने के बाद नतीजे जारी किए हैं, लिहाजा कल बाजार खुलने के बाद शेयरों में तगड़ा एक्शन देखने को मिल सकता है।
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