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स्मॉल कैप ने खराब मार्केट में भी लॉर्ज-Midcap को पछाड़ा, निवेशको मिला सबसे ज्यादा रिटर्न, जानें कितना

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 31, 2025 06:44 pm IST,  Updated : Mar 31, 2025 06:45 pm IST

मास्टर कैपिटल की निदेशक पलका अरोड़ा चोपड़ा ने कहा, हालांकि, जब पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनियों के उम्मीद से कमजोर नतीजे आए तो बाजार ऊंचे मूल्य स्तर को बरकरार नहीं रख सका, जिससे बाजार में सुधार हुआ।

Small-cap Vs Mid-cap Vs Large-cap- India TV Hindi
स्मॉल-कैप Vs मिडकैप Vs लॉर्जकैप Image Source : FILE

शेयर बाजार (Stock Market) में छोटी कंपनियों ने इस महीने मजबूत उछाल के बीच वित्त वर्ष 2024-25 को पॉजिटिव रिटर्न के साथ समाप्त किया। वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 3,471.79 अंक या 8% उछला, जबकि मिडकैप 2,209 अंक या 5.61% चढ़ा। इसकी तुलना में, बीएसई सेंसेक्स समूचे वित्त वर्ष 2024-25 में 3,763.57 अंक या 5.10% चढ़ा। इस तरह खराब मार्केट में भी स्मॉल कैप ने निवेश्कों को सबसे अधिक रिटर्न दिया। लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक सतीश चंद्र अलूरी ने कहा कि अक्टूबर-फरवरी से रिकॉर्ड लगातार 5 महीने गिरावट के बाद मार्च में मजबूत उछाल के साथ वित्त वर्ष 2024-25 को सकारात्मक रुख पर समाप्त किया। छोटी कंपनियों ने बड़ी कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।

सेंसेक्स ने निवेशकों को निराश किया

हाईब्रो सिक्योरिटीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक तरुण सिंह ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने वित्त वर्ष 2024-25 में मजबूत प्रदर्शन किया, जिससे वैश्विक चुनौतियों के बावजूद संतुलन बना रहा। मजबूत चुनावी जनादेश ने बाजार के भरोसे को बढ़ाया है, जिससे नीतियों की निरंतरता सुनिश्चित हुई है। सिंह ने कहा कि  हालांकि, सेंसेक्स में साल भर में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी उत्साहजनक नहीं रही।  विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार में तेजी के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप खंड अपने बड़े समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। 

सितंबर, 2024 में बाजार रिकॉर्ड हाई पर था

बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक पिछले साल 12 दिसंबर को 57,827.69 के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था, जबकि मिडकैप 24 सितंबर, 2024 को 49,701.15 के रिकॉर्ड शिखर पर पहुंचा था। वहीं सेंसेक्स पिछले वर्ष 27 सितंबर को 85,978.25 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा था। विश्लेषकों के अनुसार, छोटी कंपनियों के शेयर आमतौर पर स्थानीय निवेशकों द्वारा खरीदे जाते हैं, जबकि विदेशी निवेशक बड़ी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2023-24 में बीएसई मिडकैप सूचकांक में 15,013.95 अंक यानी 62.38 प्रतिशत का उछाल आया जबकि स्मॉलकैप 16,068.99 अंक यानी 59.60 प्रतिशत चढ़ा था। वहीं, बीएसई सेंसेक्स ने 14,659.83 अंक यानी 24.85 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी। 

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